दशहरा पर आरएसएस ने निकाला भव्य नगर पथ संचालन, जगह-जगह हुआ स्वागत | Dashahara pr RSS ne nikala bhavy nagar path sanchalan

दशहरा पर आरएसएस ने निकाला भव्य नगर पथ संचालन, जगह-जगह हुआ स्वागत

दशहरा पर आरएसएस ने निकाला भव्य नगर पथ संचालन, जगह-जगह हुआ स्वागत

झाबुआ (मनीष कुमट) - राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ द्वारा 8 अक्टूबर मंगलवार को विजयादशमी के पावन पर्व पर शहर में भव्य पथ संचलन निकाला गया। इससे पूर्व उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पर बौद्धिक हुआं। जिसमें अतिथि के रूप में आरएसएस के रतलाम विभाग कार्यवाह आशुतोष शर्मा, जैन मुनिराज प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा ‘जलज’ एवं आदिवासी संत कानूजी महाराज उपस्थित थे। अतिथि वक्ताओं द्वारा मुख्य रूप से अपने उद्बोधन में राष्ट्र निर्माण के लिए सभी हिन्दूओं से एकजुट होने का आव्हान किया गया। 


प्रारंभ में कार्यक्रम स्थल उत्कृष्ट उमा विद्यालय मैदान पर भारत माता, डाॅ. हेडगवारजी एवं परम् पूजय गुरूजी के चित्र पर माल्र्यापण किया गया। अतिथि परिचय रोहित सारोलकर ने दिया। प्रार्थना अवि भावसार ने करवाई। मुख्य शिक्षक अंकित वैष्णव रहे। बाद अतिथि उद्बोधन में प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा ‘जलज’ ने अपने उदबोधन में कहा कि आरएसएस द्वारा जो पथ संचलन निकाला जाता है, वह हिन्दू की आन, बान, और शान का प्रतीक है। आरएसएस अपनी शाखाओं में समाज को एकजुट करने के साथ धर्म के प्रति जागरण लाने का भी कार्य करता है। आज युवाओं को धर्म के मार्ग पर चलना बहुत जरूरी हे, धर्म से ही अपने समाज के प्रति प्रेम भावना जागृत होती है। आदिवासी संत कानूजी महाराज ने कहा कि आरएसएस देश का सबसे बड़ा संगठन होकर हिन्दू संप्रदाय को एकजुट कर एकसूत्रता में बांधे रखता है। इस संगठन से राष्ट्र के प्रति समर्पण और त्याग की भावना जागृत होती है। देश के उत्थान और उसे निरंतर प्रगति के मार्ग पर ले जाने में हिन्दू संप्रदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हे। हिन्दूस्तान में हिन्दू देश की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में विद्यमान है।

राष्ट्र भावना के लिए समर्पित रहे एवं नियमित शाखाओं में जाएं

मुख्य वक्ता आशुतोष शर्मा ने कहा कि हम सभी को राष्ट्र के लिए हमेशा समर्पित रहना चाहिए। साथ ही आरएसएस की शाखाओं में नियमित आने के साथ विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियो में भी नियमित शामिल हो। आरएसएस का समाज में राष्ट्र के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना जागृत करना ही उद्देश्य है। बाद सभी स्वयं सेवकों द्वारा कुछ देर विश्राम करने के बाद यहां से भव्य पथ संचलन निकाला गया। 

सैकड़ों स्वयं सेवक कतारबद्ध होकर चले पथ संचलन में आगे कुछ युवा केशरिया ध्वज लेकर चले। इसके पीछे बैंड ओर तत्पश्चात् सैकड़ों स्वयं सेवक गणवेश में अपने हाथों में दंड लेकर कतारबद्ध; शामिल हुए। यह भव्य पथ संचलन शहर के उत्कृष्ट उमा विद्यालय मैदान से बस स्टेंड गांधी चैराहा, मेन बाजार, थांदला गेट, कमल टाॅकिज गली, सुभाष मार्ग, श्री गोवर्धननाथ मंदिर तिराहा, आजाद चैक, बाबेल चैराहा, सरदारभगतसिंह मार्ग, राधाकृष्णा मार्ग, राजवाड़ा, लक्ष्मीबाई मार्ग, जैन मंदिर, हंसा लाज, सिद्धेश्वर काॅलोनी, बुनियादी हाईस्कूल, विवेकानंद काॅलोनी होते हुए पुनः उत्कृष्ट उमा विद्यालय मैदान पर समापन हुआ।

जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत 

पथ संचलन का शहर में जगह-जगह स्वागत भी हुआ। मेन बाजार में भावसार परिवार की ओर, थांदला गेट, राजवाड़ा पर सकल व्यापारी संघ की ओर से अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर, सचिव पंकज जेैन मोगरा, उपाध्यक्ष कमलेश पटेल, सह-सचिव हरिश शाह लालाभाई, नितेश कोठारी, मनोज संघवी, नीतिन सांकी, हार्दिक अरोरा, आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट से संस्थापक अध्यक्ष राजेश नागर आदि ने स्वागत किया। सरदार भगतनंिसह मार्ग में जैन सोश्यल ग्रुप द्वारा पथ संचलन में शामिल स्वयं सेवकों पर पुष्प वर्षा की गई। इसके अलावा शहर में अन्य जगह भी पथ संचालन का स्वागत किया गया।

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