रिटायर्ड फौजी की पत्नी के साथ कॉलोनाइजर द्वारा धोखाधड़ी
पीथमपुर (प्रदीप द्विवेदी) - रिटायर्ड फौजी की पत्नी ने2013 में आदिवासी समाज की महिला रामकली बाई ने अपने पति जो आर्मी में नोकरी करते थे। उनके रिटायर्ड की जमा पूंजी से अपने परिवार के लिए आशीष मिश्रा से एक 1600 sq फिट का प्लाट खरीदा था जिसके 7,44,000 रुपये कॉलोनाइजर को दिए ।और रजिस्ट्री के 80,000 रुपये भी दिए।
जिसके बाद कालू नजर ने दुवारा इंदौर कलेक्टर ऑफिस के रजिस्ट्रार कार्यलय में बकायदा रजिस्ट्री के लिए बुलाया और रजिस्ट्री भी कर दी।
मगर रजिस्ट्री में पूर्ण दस्तावेज नही लगाए। जिसके चलते रजिस्टार ने कई महीनों इंतजार करने के बाद रजिस्ट्री शून्य कर दी । जिसकी जानकारी रामकली बाई को कई महीनों बाद पता चला। इसके बाद वह कई बार कालो नाइजर के ऑफिस के चक्कर लगा लगा कर थक गई। परेशान होकर वह वकील के पास पहुची तब जा कर सही जानकारी मिली।
तब से लेकर अब तक बेचारी आदिवासी गरीब महिला कॉलोनाइजर ओर आला अधिकारियों के ऑफिस के चक्कर लगा रही है उसकी कोई सुनने वाला नही है। लेकिन कोई इनकी सुनने वाला नहीं। इससे परेशान होकर वह भीम सेना के संयोजक संजय सोलंकी से मिली। मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी ।तब सोलंकी ने आला अधिकारियों से पीड़ित परिवार को मिलाया ओर पूरी घटना की जानकारी दी।आला अधिकारियों ने तुरंत घटना को संज्ञान में लेकर महू किशनगंज टी आई को फोन कर जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा ।और फरियादी को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया । इस परिवार को न्याय नही मिला तो भीम सेना के संजय सोलंकी ने कहां की हमें उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
प्रेस विज्ञप्ति में रामकन्या आत्रे और मनीष आत्रे पिता विनोद अत्रे ने कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की
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