इस दौर में मंदी का असर ट्रक मालिको पर ज्यादा पड़ रहा है
अंजड़ (शकील मंसूरी) - मंदी के इस दौर का असर ट्रकों के मालिकों के ऊपर ज्यादा पढ़ रहा है क्योंकि ट्रकों को टैक्स के रूप में और इंसुरेंस के रूप में सालाना लगभग 1 लाख 50 हजार रुपए तो टैक्स के रूप में सरकार को चुकाने पड़ते हैं और फाइनेंस की किस्त जोकि अगर टाइम पर नहीं भरते हैं तो फाइनेंसर गाड़ी को सीज कर लेता है ट्रक व्यवसाय करने वाले जितने भी मालिक है काफी दुखी और परेशानी के दोर से गुजर रहे हैं हर मोटर मालिक सिर्फ यही कहता है कि हमने हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती की इस धंधे को सीख कर क्योंकि फाइनेंस के ब्याज की मार लाखों रुपए टैक्स की मार ट्रक का मेंटेनेंस ड्राइवर कंडक्टर को की तनख्वाह और हमारे परिवार का खर्च चलाने के लिए हमारे पास अब कोई विकल्प नहीं है और ऐसी स्थिति में हमारी ट्रक के महीनों से घर के सामने खड़ी है आज हमारी हालत यह है कि हमारे परिवार को चलाने के लिए हमें लोगों से पैसा ब्याज पर लेकर काम चलाना पड़ता है अगर ऐसी मंदी चलती रही तो हमारे आशियाने भी बिक जायेंगे और हम लोग रोड पर आ जाएंगे हम मीडिया के माध्यम से सरकार का ध्यान हमारे व्यवसाय क्यों आकर्षित करना चाहते हैं उसके बाद डीजल के दाम सरकार ने और बढ़ा दी जिसने तो हमारी कमर ही तोड़ के रख दी अब हमारी हालत क्या है ऊपरवाला ही जाने।
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