दो दिवसीय ‘स्मार्ट गलर्स’ कार्यशाला का हुआ समापन | Do divasiy smart girls karyashala ka hua samapan

दो दिवसीय ‘स्मार्ट गलर्स’ कार्यशाला का हुआ समापन

दो दिवसीय ‘स्मार्ट गलर्स’ कार्यशाला का हुआ समापन

झाबुआ (मनीष कुमट) - स्मार्ट गर्ल का सीधा अर्थ है, सर्व गुण संपन्न व्यक्तित्व। आज के युग में प्रत्येक व्यक्ति को चाहे वह छात्र हो या छात्राओं को सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने के अधिकार प्रदत्त किए हुए है। आज छात्राएं कई मायनों में छात्रों से बहुत आगे है। हर क्षेत्र में छात्राआेंं ने अपनी प्रतिभा का असाधारण प्रदर्शन करते हुए अपना नाम रोशन किया हैं। आपको भी एक स्मार्ट गर्ल बनकर जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए नित प्रयास एवं अभ्यास करना होंगे। 

उक्त उद्गार भारतीय जैन संघटना द्वारा स्थानीय लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित तेरापंथ सभा भवन में दो दिवसीय ‘स्मार्ट गर्लस’ प्रषिक्षण कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संघटना के मुख्य संरक्षक एवं जिला बाल कल्याण समिति के वरिष्ठ सदस्य यशवंत भंडारी ने व्यक्त किए। आपने स्मार्ट गर्ल की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि जो छात्रा स्ट्रोंग, माइडेंड, अलर्ट, रेगुलर एवं टेलेंट रखती है, वह स्मार्ट होती है।

लक्ष्य निर्धारित कर सफलता की ओर अग्रसर हो 

गर्ल शब्द को परिभाषित करते हुए श्री भंडारी ने कहा कि जो जीनियस है, इंटेलीजेंट है, रेसपानसेबल है तथा अपनी लायबिटिज को समझती है, वह स्मार्ट गर्ल है। आपने कहा कि अच्छे खिलाड़ी होने के साथ लक्ष्य की प्राप्ति के प्रति कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्म विश्वास बहुत आवश्यक है। आप सभी को अपने जीवन को सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वोत्तम उपलब्धि प्राप्त करने के लिए एक निर्धारित लक्ष्य बनाना होगा और उसी लक्ष्य पर पूरी निष्ठा एवं समर्पण भाव से कार्य करना होगा ।

प्रमाण-पत्र प्रदान किए

समापन अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित श्री भंडारी के साथ बीजेएस के डॉ. सोमिल जैन, दिलीप संघवी, पंकज मेहता, रिंकू रूनवाल ने सभी बालिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यषाला का संचालन बीजेएस के पदाधिकारी पंकज कोठारी ने किया एवं आभार कार्यक्रम संयोजक राजेन्द्र आर भंडारी ने माना।

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