कमिश्नर श्री बहुगुणा ने ली महिला बाल विकास ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक | Commissioner shri bahuguna ne li mahila baal vikas

कमिश्नर श्री बहुगुणा ने ली महिला बाल विकास ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक

कमिश्नर श्री बहुगुणा ने ली महिला बाल विकास ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक

आंगनवाड़ी केन्द्रों को आदर्श केन्द्र के रूप में तैयार करने के निर्देश
बालाघाट (टोपराम पटले) - जबलपुर संभाग के कमिश्नर श्री राजेश बहुगुणा ने आज 28 सितम्बर को बालाघाट प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर बच्चों एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर श्री दीपक आर्य, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह, सहायक कलेक्टर श्री अक्षय तेम्रावाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आर सी पनिका, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडे, सिविल सर्जन डॉ आर के मिश्रा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ परेश उपलप, सभी एसडीएम, खंड चिकित्सा अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक उपस्थित थी। 
कमिश्नर श्री बहुगुणा ने ली महिला बाल विकास ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक

कमिश्नर श्री बहुगुणा ने बैठक में सबसे पहले महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्रों की सेवाओं में सुधार लाने एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों को आदर्श आंगनवाड़ी केन्द्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र के सबसे अच्छे आंगनवाड़ी केन्द्रों को चिन्हित करें और उन्हें आदर्श केन्द्र के रूप में तैयार करें। आदर्श केन्द्र का दर्जा उन्हें आंगनवाड़ी केन्द्रों को दिया जाये, जिनमें स्वच्छता हो, बच्चों की उपस्थिति 80 प्रतिशत से अधिक हो और बच्चों का एनर्जी लेवल अच्छा हो। 
कमिश्नर श्री बहुगुणा ने ली महिला बाल विकास ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक

कमिश्नर श्री बहुगुणा ने कहा कि भी आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के खेलने के लिए खिलौने दिये गये है, उनका उपयोग हर दिन होना चाहिए और आंगनवाड़ी केन्द्र के बच्चे यह खिलौने खेलते हुए दिखाई देना चाहिए। आंगनवाड़ी केन्द्रों को खिलौने ताले में बद रखने के लिए नहीं दिये गये है। आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चों को सुबह 9 बजे नाश्ता मिलना चाहिए और दोपहर 12 बजे दोपहर का भोजन मिलना चाहिए। नाश्ते और भोजन के समय में तीन घंटे का अंतर रहना चाहिए। आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक केन्द्रों का सतत भ्रमण करें और नाश्ता और भोजन एक साथ देने वाले समूहों की सूचना तत्काल जिला पंचायत की सीईओ या कलेक्टर को दें। आंगनवाड़ी केन्द्रों में किशोरी बालिकाओं एवं गर्भवती व धात्री माताओं का भी ध्यान रखना है। 
कमिश्नर श्री बहुगुणा ने कहा कि बालाघाट जिले में आंगनवाड़ी केन्द्रों के शासकीय भवनों की स्थिति अन्य जिलों की तुलना में अच्छी है। यहां पर प्रायवेट भवनों में लगने वाले आंगनवाड़ी केन्द्रों की संख्या कम है। नगरीय क्षेत्रों में भवन की समस्या को दूर करने के लिए दो केन्द्रों को एक भवन में लगाया जा सकता है। उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्र मोहगांव-ध, फोगलटोला, चुटिया, पनबिहरी एवं पांढरवानी में 80 प्रतिशत बच्चों की हर दिन उपस्थिति रहने पर सराहना की और कहा कि अन्य केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति को बढ़ाया जाये। 
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान आरसीएच पोर्टल पर 15 से 49 वर्ष के योग्य दम्पत्तियों का पंजीयन करने एवं अनमोल एप में सभी प्रविष्टियां नियमित रूप से करने के निर्देश दिये गये। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ ही प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केन्द्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाये। यह भी प्रयास किया जाये कि दूरस्थ क्षेत्र से प्रसव के लिए गर्भवती माता को जिला चिकित्सालय न आना पड़े। हट्टा के स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसव की संख्या बढ़ाने कहा गया। बैठक में दस्तक अभियान एवं पोषण माह की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।

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