सीबीआई अधिकारी बनकर मोबाइल शाप में की ठगी | CBI adhikari bankr mobile shop main ki thagi

सीबीआई अधिकारी बनकर मोबाइल शाप में की ठगी

सीबीआई अधिकारी बनकर मोबाइल शाप में की ठगी

फर्जी एप्प से किया भुगतान, सी सी टीवी में हुआ कैद, थाने में हुई शिकायत

आमला (रोहित दुबे) - अपने आप को सीबीआई का अधिकारी बता कर एक व्यक्ति ने उपनगरीय बोडखी में एक मोबाइल शॉप में ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है नकली सीबीआई अधिकारी ने मोबाइल शॉप पर जाकर एक महँगा मोबाइल ले लिया और दुकानदार को ऑनलाइन पेमेंट अपने एकाउंट से कर भी दिया लेकिन मोबाइल शॉप संचालक के खाते में राशि ही नही आई इसके बाद दुकानदार मनीष गुगनानी ने इसकी शिकायत पुलिस थाना आमला में की है मनीष गुगनानी ने बताया कि नकली सीबीआई अधिकारी का नाम वाहेगुरु सिंग है जो कि लुधियाना का रहने वाला है उसके आधार कार्ड ओर बैंक अकाउंट में भी उसका पता लुधियाना का ही है।

नकली सीबीआई ऑफिसर ने की ठगी

नकली सीबीआई अधिकारी जो कि है ठगने में है माहिर जिसके पास है सभी प्रकार के दस्तावेज जिनके पास है बैंक के फर्जी एप्लीकेशन  यह घटना है 10/09/2019 को एक व्यक्ति वाहेगुरु सिंग नामक सरदार जी के वेशभूसा में आमला नगर के बोडखी में श्री राम हेंडलूम नामक मोबाइल शॉप के संचालक मनीष गुगनानी जी ने बताया कि एक व्यक्ति जिसका नाम वाहेगुरु है वह फ़ोन लेने आया और उसके बाद एक्सिस बैंक के  एप्पलीकेशन से 19990 ट्रान्सफर किये और स्क्रीनशॉट दिखाया जिसमे सक्सेस का मैसेज आया और जब बैंक मेसेज नही आया तो जब बार बार देखने पे मेसेज नही आया तो बैंक से पता करने पर ऐसा कोई लेन देन नही कहा गया है और उसके बाद से उसका फ़ोन बन्द आ रहा है सूत्रों के मुताबिक वह ऐसी घटना पहले वह वरूड ओर नागपुर में कर चुका है आशका वह यह वारदात छिन्दवाड़ा में भी कर चुका है। बताया जाता है कि श्री राम हैंडलूम से फर्जी सीबीआई आफिसर ने 19,990 का वीवो कम्पनी का मोबाईल खरीद कर ऑनलाइन पेमेन्ट करके ठगी की है पुलिस मामले की जांच कर रही है।

फर्जी ट्रांजेक्शन ऐप का किया उपयोग 

श्री राम हेंडलूम मोबाइल दुकान के संचालक मनीष गुगनानी से हुई ठगी के बाद शहर के व्यापारियों में ऑनलाइन खरीद बिक्री को लेकर काफी भय का माहौल दिखाई पड़ रहा है वही शहर में फर्जी ट्रांजेक्शन ऐप को लेकर चर्चा तेज है लोगो की माने तो मोबाइल के प्ले स्टोर में सर्च करने पर ठेर ऐसे एप मिलेंगे जिनसे ट्रांजेक्शन सफल बताने के बाद भी राशि ट्रांसफर नही होती है और लोग ठगी का शिकार हो जाते है ।

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