यूपी तक पुलिस ढूंढ के आई लेकिन आरोपी नहीं मिला फिर इंदौर से किया गिरफ्तार
धामनोद (मुकेश सोडानी) - दिनांक 26 तारीख की रात को गुजरी के श्याम पिता कैलाश शर्मा का बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी 09 बीसी 8704 चोरी हो गया था बाद धामनोद पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज किया धामनोद पुलिस भी लगातार चोरों को ढूंढ रही थी इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि राजगढ़ थाना अंतर्गत वाहन चोर के आरोप में दो आरोपी निसार और दीपक को राजगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिस पर थाना अंतर्गत हुई चोरी की बातें भी सामने आ रही है थाना प्रभारी दिलीप चौधरी ने तत्काल टीम बनाकर राजगढ़ भेजी जहां निषार और दीपक राय से पूछताछ करने पर उन्होंने एक अन्य गोविंद नामक व्यक्ति के साथ गुजरी से वाहन चुराना बताया तथा यह भी बताया कि तीसराआरोपी गोविंद उत्तर प्रदेश में रहता है पुलिस के लिए उत्तर प्रदेश से वाहन चोर को लाना अब एक चुनौती थी बाद थाना प्रभारी चौधरी के निर्देशन में एक टीम बनाई गई तथा उत्तर प्रदेश के लिए भेजी गई जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि सबसे पहले मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी गोविंद की लोकेशन पर पुलिस प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश पहुंची तथा वहां लगातार आरोपी को ढूंढती रही लेकिन सफलता नहीं मिली आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया उसके बाद उत्तर प्रदेश में ही सादोपुर थाने में पुलिस ने आरोपी की तलाश की लेकिन आरोपी फिर भी हत्थे नहीं चढ़ा बाद पुलिस की मुखबिरी के आधार पर यह बात सामने आई कि आरोपी गोविंद उत्तर प्रदेश से फिर इंदौर आकर चोइथराम सब्जी मंडी के आसपास रह रहा है
पुलिस ने लगातार सर्चिंग की फिर आरोपी को देख पुलिस ने धर दबोचा
इसी बीच थाना प्रभारी दिलीप चौधरी ने एक टीम चोइथराम मंडी के आसपास सिविल ड्रेस में लगा दी जो लगातार वाहनों पर नजर रख रहे थे इसी तारतम्य में शुक्रवार देर रात 7:30 बजे एक बिना नंबर की बोलेरो चोइथराम सब्जी मंडी के पास जाते दिखाई दी तत्काल धामनोद थाने के सहायक उप निरीक्षक पदम सिंह भाटी प्रधान आरक्षक महेश जाट आरक्षण धर्मेंद्र और विजय ने घेराबंदी कर वाहन लेकर जा रहे गोविंद को पकड़ लिया पूछताछ में गोविंद ने गुजरी से वाहन चुराना स्वीकार कर लिया धामनोद पुलिस राजगढ़ से दो अन्य आरोपी के साथी को भी पूछताछ के लिए शनिवार धामनोद लाई उसके बाद थाना प्रभारी दिलीप चौधरी ने बताया कि आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है अन्य भी खुलासे होने की संभावना है शनिवार दोपहर उन्हें धरमपुरी न्यायालय में पेश किया गया।
