राज्य सरकार ने किया खरगोन को नगर निगम बनाने का छलावा | Rajya sarkar ni kiya khargon ko nagar nigam banane ka chhalawa

राज्य सरकार ने किया खरगोन को नगर निगम बनाने का छलावा

राज्य सरकार ने किया खरगोन को नगर निगम बनाने का छलावा

नगर पालिका परिषद में पार्षदों को भ्रम में रखकर सीमा वृद्धि का प्रस्ताव लाया गया

भाजपा जिलाध्यक्ष, खरगोन सांसद, नपाध्यक्ष व पार्षदों ने महामहिम राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

खरगोन (हर्ष गुप्ता) - नगर पालिका परिषद खरगोन में राज्य शासन का 23 फरवरी 2019 का पत्र प्रस्तुत कर पार्षदों को भ्रमित करते हुए सीमा वृद्धि के प्रस्तावों को रखा गया। तब पार्षदों को यह आश्वासन दिया गया कि सीमा वृद्धि के पश्चात खरगोन नगर निगम बन जाएगा। बावजूद खरगोन नगर पालिका परिषद द्वारा वर्तमान में सिर्फ सीमा वृद्धि का चलित प्रस्ताव ही पारित हुआ है जिसकी पुष्टि भी परिषद में नहीं हुई है। खरगोन को नगर निगम बनाने के उक्त छलावे को लेकर पार्षदों व जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है। शुक्रवार को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्त कार्यवाही को शून्य घोषित कर निर्धारित प्रावधान अनुसार दोबारा कार्यवाही करने की मांग की गई है।

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी प्रकाश भावसार ने बताया जिलाध्यक्ष परसराम चौहान के नेतृत्व में खरगोन सांसद गजेंद्रसिंह पटेल, सीसीबी अध्यक्ष रणजीतसिंह डंडीर, जिला महामंत्री राजेंद्रसिंह राठौर, जिला उपाध्यक्ष बद्रीप्रसाद पाटीदार, लक्ष्मण इंगले, नपाध्यक्ष विपिन गौर, उपाध्यक्ष कन्हैया कोठाने सहित पार्टी पदाधिकारियों व पार्षदों ने माननीय राज्यपाल महोदय के नाम कलेक्टर गोपालचंद डाड को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से खरगोन नगर पालिका की सीमा वृद्धि व उसे नगर निगम बनाने के संबंध में हुई समूची प्रक्रिया से अवगत कराया गया। ज्ञापन में कहा गया कि मप्र नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 405 एवं नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 5 ए (1) के अंतर्गत स्पष्ट प्रावधानों को नजर अंदाज करते हुए राज्य शासन द्वारा संदर्भित मप्र राज्य पत्र में प्रकाशित विभागीय आदेश 23 फरवरी 2019 के माध्यम से कतिपय क्षेत्रों को सम्मिलित या अपवर्जित करने संबंधित प्रकाशन हेतु जिला कलेक्टर को अधिकार प्रत्यायोजित किए गए हैं। जबकि उल्लेखित प्रावधान से स्पष्ट है कि कतिपय क्षेत्रों को सम्मिलित या अपविर्जत करने संबंधित कार्यवाही, प्रकाशन, घोषणा केवल माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा ही की जाएगी। राज्य शासन द्वारा कतिपय प्रावधानों का उपयोग करते हुए संबंधित कलेक्टर को अधिकृत नहीं किया जा सकता है। खरगोन नगर पालिका परिषद की सीमा वृद्धि या अपवर्जन के संबंध में आपके स्तर पर की गई कार्यवाही प्रावधानों के विपरित होकर वास्तव में शून्य है। अधिकारहीन कार्यवाही के आधार पर किसी प्रकार का कानूनी अधिकार निर्मित नहीं होता है। इसलिए कतिपय कार्यवाही प्रारंभ से ही शून्य है तो ऐसी कार्यवाही को आगे जारी रखना न्यायोचित नहीं है। खरगोन नगर पालिका की सीमा वृद्धि के प्रस्ताव के साथ निर्धारित प्रक्रिया का दिनांकवार कार्यक्रम घोषित किया गया था जिसके अनुसार 26 जून 2019 को सारी प्रक्रिया पूर्ण होना थी व निर्धारित समय पर चुनाव संपन्न होना बताया गया था। प्रेषित ज्ञापन में माननीय उच्च न्यायालय मप्र खंडपीठ जबलपुर द्वारा रीट याचिका 12777/2019 अनिनेश मोहरे व अन्य विरुद्ध मप्र शासन में पारित आदेश दिनांक 14 अक्टूबर 2014 का उल्लेख करते हुए खरगोन नगर पालिका की कार्यवाही को शून्य घोषित करते हुए मप्र नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 405 एवं नगर पालिका अधिनियम की धारा 5 ए (1) के प्रावधान अनुसार पुनः कार्यवाही करने की मांग की गई है। ज्ञापन के दौरान मोहन राठौड़, जितेंद्र त्रिपाठी, जितेंद्र यादव, अनिल गुप्ता, रवि वर्मा, पार्षद राजेंद्र पटेल, छाया जोशी, नंदा चौहान, लोकेश भावसार, दीपक चौरे, भगवान सोलंकी, वीरेंद्र भदौदिया, पवन सेन, लक्की चौपड़ा आदि उपस्थित थे।

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