पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व आज से आरंभ | Parwadhiraj paryushan mahaparv aaj se aarambh

पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व आज से आरंभ

पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व आज से आरंभ

अष्ट प्रभावक नरेन्द्र सूरीश्वरजी मसा एव प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा की निश्रा में होंगे विभिन्न आयोजन

30 अगस्त को महावीर स्वामीजी का जन्मोत्सव एवं 2 सितंबर को संवत्सरी पर्व मनाया जाएगा

झाबुआ (मुर्तुजा भाई पिटोल वाला) - श्री नवल स्वर्ण जयंती चातुर्मास के अंतर्गत आज 26 अगस्त, सोमवार से पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व आरंभ हो रहे है। पर्यूषण महापर्व के दौरान जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव बावन जिनालय सहित श्री नाकोड़ा पार्ष्वनाथ मंदिर, दादावाड़ी, श्री महावीर बाग एवं श्री गौड़ी पार्ष्वनाथ मंदिर में प्रतिदिन पूजन, दर्षन-वंदन के साथ विभिन्न आयोजन संपन्न होंगे। बावन जिनालय में सभी आयोजन राजस्थान केसरी अष्ट प्रभावक आचार्य देवेष श्रीमद् विजय नरेन्द्र सूरीष्वरजी मसा एवं प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा की निश्रा में किए जाएंगे। 30 अगस्त को भगवान महावीर स्वामीजी का जन्मोत्सव मनाते हुए इस दिन दोपहर में बावन जिनालय से भव्य रथ यात्रा निकलेगी। 2 सितंबर को संवत्सरी पर्व मनाया जाएगा।

पर्यूषण महापर्व के दौरान श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में प्रतिदिन सुबह 5 बजे प्रतिक्रमण, 6 बजे दादा गुरूदेव एवं आदिनाथ भगवान का पंचामृत से अभिषेक, साढ़े 6 बजे भक्तामर स्त्रोत एवं गुरू गुण इक्कीसा, 7 बजे मूलनायक आदिनाथ भगवान की केसर पूजन, साढ़े 8 बजे आरती, 9 बजे से पोषध शाला भवन में अष्ट प्रभावक नरेन्द्र सूरीष्वरजी मसा एवं प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा द्वारा प्रवचन दिए जाएंगे। प्रथम तीन दिन अष्टान्हिका प्रवचन होंगे। जिसमें श्रावक-श्राविकाओं को उनके जीवन के कर्तव्य एवं नियमों की जानकारी दी जाएगी। चौथे दिन से कल्पसूत्र का वाचन प्रारंभ होगा। पांचवे दिन 30 अगस्त को कल्प सूत्र के वाचन के अंतर्गत भगवान श्री महावीर स्वामी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्मोत्सव पश्चात् दोपहर में भगवान महावीर स्वामीजी की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी। छटवें एवं सातवे दिन भी कल्प सूत्र का वाचन तथा 2 सितंबर को आठवे दिन पोषध व्रत कर कल्प सूत्र का मूल गंथ बारसा सूत्र का वाचन हांगा। 

एक-दूसरे से क्षमा याचना की जाएगी

शाम से संवत्सरी पर्व के चलते समाजजनों द्वारा एक-दूसरे से क्षमायाचना की जाएगी। इसके साथ ही इस बीच प्रतिदिन दोपहर में पूजन, चौबीसी एवं सामायिक जैसे आयोजन होंगे। 3 सितंबर को लाभार्थी यषवंत, निखिल, शार्दुल, जिनांष भंडारी परिवार की ओर से 44 दिवसीय भक्तामर महातप के तपस्वियों के पारणे के साथ पर्यूषण महापर्व के दौरान होने वाली विभिन्न तपस्याओं के तपस्वियां को भी पारणा करवाया जाएगा। श्वेतांबर जैन श्री संघ एवं श्री नवल स्वर्ण जयंती चातुर्मास समिति के समस्त पदाधिकारी-सदस्यों ने समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में पधाकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।

शार्दुल भंडारी ने किया बहुमान

पर्यूषण महापर्व की तैयारियों के चलते 25 अगस्त, रविवार को पोषध शाला भवन में प्रवचन नहीं हुए। रविवार को 44 दिवसीय श्री भक्तामर महातप के तपस्वियां के एकासने का लाभ धर्मचन्द ज्ञानचंद मेहता परिवार ने लिया। जिनका बहुमान लाभार्थी यषवंत, शार्दुल, जिनांष भंडारी परिवार ने किया। दोपहर में सभी तपस्वियों ने एकासने का लाभ लिया।

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