गोगानवमी पर निकली गोगादेव की आकर्षक झांकिया
पीथमपुर (प्रदीप द्विवेदी) - पीथमपुर सेक्टर 1 शनिवार शाम को रिमझिम बरसात के बीच वाल्मीकि समाज द्वारा लोकदेवता गोगादेव जी की शोभायात्रा निकाली गई, समाज के अध्यक्ष जितेंद्र पारोतिया ने बताया कि मध्यकालीन महापुरुष गोगाजी हिंदू, मुस्लिम, सिख संप्रदायों की श्रद्घा अर्जित कर एक धर्मनिरपेक्ष लोकदेवता के नाम से पीर के रूप में प्रसिद्ध हुए। सन्न में गोगा जाहरवीर का जन्म राजस्थान के ददरेवा (चुरू) चौहान वंश के राजपूत शासक जैबर (जेवरसिंह) की पत्नी बाछल के गर्भ से गुरु गोरखनाथ के वरदान से भादो सुदी नवमी को हुआ था। जिस समय गोगाजी का जन्म हुआ उसी समय एक ब्राह्मण के घर नाहरसिंह वीर का जन्म हुआ। ठीक उसी समय एक हरिजन के घर भज्जू कोतवाल का जन्म हुआ और एक वाल्मीकि समाज के घर रत्ना जी वाल्मीकि का जन्म हुआ। यह सभी गुरु गोरखनाथ जी के शिष्य हुए। गोगाजी का नाम भी गुरु गोरखनाथ जी के नाम के पहले अक्षर से ही रखा गया। यानी गुरु का गु और गोरख का गो यानी की गुगो जिसे बाद में गोगा जी कहा जाने लगा। गोगा जी ने गूरू गोरख नाथ जी से तंत्र की शिक्षा भी प्राप्त की थी। ,इस लिए वाल्मीकि समाज इन्हें अपने लोकदेवता के रूप में पूजते है।
इस नवमी पर पीथमपुर से दो निशान निकाले गए जिसमे पंचायती निशान उस्ताद रामचन्द्र जी बाली व कलाकार अर्जुन जी गोसर ओर छोटा नाथ घराना से भगत कमल मेवाती का निशान निकाला गया भगत कमल मेवाती का निशान आकर्षक का केंद्र रहा जिसे गुजरात के सोमनाथ मंदिर के आकार का बनाया गया।
इसी बीच आईशर चौराहे ओर म.प्र.महवाल्मीकि पंचायत के सदस्यों द्वारा विशाल मंच से भव्य स्वागत समारोह रखा गया, जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. हेमंत जी हिरोले और अनिल सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। इसअवसर पर संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे जिसमे राजेन्द्र पंडित, राहुल चंडाल, रूपेश नन्याने,सोनू खरे,जितेन्द्र डोडिया,राजेश घावरी,अरुण गोसर,नितिन पारोतिया, राकेश खरे ,अजय हंस,विवेक बाली,करन फतरोड, संतोष खत्री, महावीर डागर , सुरेश पारोतिया सहित बड़ी संख्या में समजकल के लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन पीथमपुर नगर अध्यक्ष-जितेन्द्र पारोतिया ने किया और आभार जिला अध्यक्ष-रूपेश नन्याने ने व्यक्त किया।।
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