चयनित आंगनवाड़ी केंद्रों पर बाल शिक्षा केंद्र का शुभारंभ | Chaynit aanganwadi kendro pr baal shiksha kendr ka shubharambh

चयनित आंगनवाड़ी केंद्रों पर बाल शिक्षा केंद्र का शुभारंभ

चयनित आंगनवाड़ी केंद्रों पर बाल शिक्षा केंद्र का शुभारंभ

झाबुआ (अली असगर बोहरा) - शासन द्वारा प्रदेश में प्रत्येक विकास खण्ड के एक आंगनवाड़ी केन्द्र को बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है। प्रथम चरण में  28 अगस्त को जिले के  प्रत्येक विकास खण्ड में चयनित आंगनवाड़ी केन्द्रों में बाल शिक्षा केन्द्र का शुभारंभ किया गया। झाबुआ एवं रानापुर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति शांति डामोर, पेटलावद में एसडीएम श्री मालवीय की उपस्थिति में बाल शिक्षा केन्द्रो का समारोह पूर्वक शुभारंभ किया गया। आज बाल षिक्षा केन्द्र मे उपस्थित हुए बच्चो को बस्ता, टिफिन, पानी की बॉटल, आगनवाडी की गणवेश अतिथियो द्वारा प्रदान की गई। साथ ही बच्चो को सुरूचि पूर्ण भोजन भी करवाया गया।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमति सुशमा भदोरिया, जिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री बघेल सहित शासकीय सेवक एवं आमजन उपस्थित थे।

चयनित आंगनवाड़ी केंद्रों पर बाल शिक्षा केंद्र का शुभारंभ

निजी प्ले स्कूल की तरह की गई व्यवस्थाए

बाल शिक्षा केन्द्रों में निजी प्ले स्कूल की तरह व्यवस्थाए की गई है। बाल शिक्षा केन्द्रो में 6 वर्ष की उम्र तक के बच्चों के समुचित विकास के लिये प्री-प्रायमरी शिक्षा हेतु शाला पूर्व शिक्षा नीति अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों में आने वाले 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिये 19 विषयों का माहवार पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। सत्र में स्वयं की पहचान, मेरा घर, व्यक्तिगत साफ-सफाई, रंगों और आकृति, तापमान एवं पर्यावरण, पशु-पक्षी, यातायात के साधन और सुरक्षा के नियम, हमारे मददगार मौसम और बच्चों का आत्म-विश्वास तथा हमारे त्यौहारो के संबंध में शिक्षा दी जाएगी। बच्चों को आकर्षित करने के लिये आंगनवाड़ी बाल शिक्षा केन्द्र में रंग-बिरंगी साज- सज्जा की गई है। कक्ष में दिवारों पर चार्ट, पोस्टर, कटआऊट आदि लगाये गये है। बच्चों द्वारा बनाई गई सामग्री का भी प्रदर्शन किया जायेगा। बाल शिक्षा केन्द्र के कक्ष के अन्दर का वातावरण छोटे बच्चों की रूचि एवं विकासात्मक आवश्यकताओं के अनुसार बनाया गया है। बच्चों के खेलने के लिये अलग-अलग कोने जैसे गुडिया घर का कोना, संगीत का कोना, कहानियों का कोना, विज्ञान एवं पर्यावरण प्रयोग का कोना आदि बनाए गए हैं।

खेल-खेल में शिक्षा

आंगनवाड़ी शिक्षा केन्द्रों में खेल-खेल में बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिये दैनिक गतिविधियाँ होगीं। इसमें क्रियात्मक खेल, रचनात्मक नाटक अथवा नकल करने वाले खेल, सामूहिक और नियमबद्ध खेल शामिल हैं। इन केन्द्रों पर खेलों के आधार पर बच्चों से अलग-अलग गतिविधियाँ करवाई जायेंगी। केन्द्रों पर प्रतिदिन 3 से 4 घन्टे शाला पूर्व शिक्षा के लिये निर्धारित हैं। बच्चों को एक गतिविधि के लिये 15 से 20 मिनिट का समय निर्धारित किया गया है।

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