अष्ट प्रभावक द्वारा प्रातः कल्प सूत्र वाचन के बाद दोपहर में शहर में निकाला गया 14 स्वपनाजी का जुलूस
30 अगस्त को महावीर स्वामीजी के जन्मोत्सव पर निकलेगी भव्य रथ यात्रा
झाबुआ (अली असगर बोहरा) - जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में पर्यूषण महापर्व के चैथे दिन अष्ट प्रभावक आचार्य देवेष श्रीमद् विजय नरेन्द्र सूरीष्वरजी मसा ‘नवल’ एवं प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा ‘जलज’ द्वारा कल्पसूत्र वाचन के बाद दोपहर में बावन जिनालय से 14 स्वपनाजी का बैंड-बाजों के साथ जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर पर पहुंचा। बाद शाम को प्रतिक्रमण हुआ। 30 अगस्त, शुक्रवार को भगवान महावीर स्वामीजी के जन्म कल्याण वाचन दिवस पर भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी।
29 अगस्त, गुरूवार को सुबह 7.30 बजे से कल्पसूत्र व्होराने के लाभार्थी श्रीमती लीलाबेन शंातिलाल भंडारी के निवास से कल्प सूत्र को बैंड-बाजों के साथ बधाते हुए बावन जिनालय तक लाया गया। बाद मंदिर की तीन पदक्षिणा देकर कल्प सूत्र ग्रंथ को भंडारी परिवार द्वारा आचार्य को प्रदान किया। वाक्षेप पूजन के लाभार्थी श्वेतांबर श्री जैन संघ के सुजानमल कटारिया, यषवंत भंडारी, सोहनलाल कोठारी, मनोहरलाल छाजेड़ एवं अषोककुमार सकलेचा द्वारा क्रमषः बारी-बारी से कल्प सूत्र ग्रंथ की वाक्षेप पूजन की गई। पश्चात् संजय जगावत परिवार की ओर से अष्टप्रकारी पूजन रखी गई। डाॅ. प्रदीप संघवी परिवार ने कल्पसूत्र को स्वर्ण, चांदी, अक्षत एवं मोती से बधाया। श्रीमती मांगूबेन सकलेचा परिवार ने कल्पसूत्र की आरती उतारी। बाद आचार्य नरेन्द्र सूरीजी ‘नवल’ एवं प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा ‘जलज’ ने धर्मसभा में अपने प्रवचनों में कल्प सूत्र का वाचन किया। धर्मसभा का संचालन श्री नवल स्वर्ण जयंती चातुर्मास समिति के अध्यक्ष कमलेष कोठारी ने किया।
भक्तामर महातप के तपस्वियों का जेएसजी ‘मेन’ ने किया बहुमान
श्वेतांबर श्री जैन श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता ने बताया कि धमर्सभा बाद दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीष्वरजी मसा की आरती का लाभ संजय जगामत परिवार ने लिया। वहीं एकासने के लाभार्थी रितेषकुमार मेहता का बहुमान यषवंत, निखिल, शार्दुल भंडारी परिवार ने किया। दोपहर में सभी तपस्वियांे ने एकासने का लाभ लिया। एकासने के दौरान सभी तपस्वियों का जैन सोष्यल ग्रुप ‘मेन’ के प्रेमप्रकाष कोठारी, उत्तम जैन, भरत बाबेल कमलेष कोठारी आदि द्वारा तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर बहुमान किया।
पानीजी का जुलूस निकाला
श्री संघ अध्यक्ष श्री मेहता ने आगे बताया कि दोपहर 3 बजे चुंदड़ी का उपवास कर रहीं श्राविकाओं द्वारा माता त्रिषलाजी द्वारा देखे गए 14 स्वपनाजी का जुलूस बावन जिनालय से निकाला गया। यह जुलूस बैंड़-बाजों के साथ निकला। जिसमें श्राविकाएं एक जैसी वेषभूषा में 14 महास्वपनजी लेकर चली। सबसे आगे कल्पसूत्र की पोथी लेकर श्राविका चली। इसके पीछे 14 स्वपनाजी लेकर अन्य श्रावकिाएं शामिल हुई। यह जुलूस शहर के रूनवाल बाजार, थांदला गेट, बाबेल चैराहा, आजाद चैक, नेहरू मार्ग, राजवाड़ा, लक्ष्मीबाई मार्ग होते हुए मंदिर पर पहुंचा। जहां श्रावकिाओ द्वारा स्वपनाजी को बधाया गया। गुरूवार शाम से पाक्षिक प्रतिक्रम भी आरंभ हुआ। जो प्रतिदिन शाम 6 से 8.30 बजे तक चलेगा।
आज मनाया जाएगा भगवान महावीर स्वामीजी का जन्मोत्सव
श्वेतांबर श्री संघ सह-सचिव रिंकू रूनवाल ने बताया कि 30 अगस्त, शुक्रवार को आचार्य नरेन्द्र सूरीष्वरजी मसा एवं प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा की निश्रा में भगवान महावीर स्वामीजी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जिसमें बावन जिनालय में सुबह सभी निधा्ररित कार्यक्रम के साथ 9 बजे कल्पसूत्र का वाचन बाद दोपहर में 14 स्वपना भी चढ़ावे आरंभ हांेगे। आचार्य श्रीजी द्वारा महावीर स्वामीजी का जन्म कल्याणक वाचन बाद दोपहर करीब 3.30 बजे बावन जिनालय से महावीर स्वामीजी की भव्य रथ यात्रा आरंभ होगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हएु पुनः मंदिर पर पहुंचेगी। बाद शाम को आदिनाथ भगवान, महावीर स्वामीजी एवं दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीष्वरजी मसा की आरती की जाएगी। पंजेरी की प्रसाद श्रीमती श्यामुबाई रतनलाल रूनवाल परिवार की ओर से सभी को वितरित की जाएगी। अंत में आदिनाथ राजेन्द्र पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा समाजनों के लिए द्वारा साधर्मी वात्सल्य का आयोजन किया जाएगा। शाम 7 बजे प्रतिक्रमण होगा।
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