फिटनेस-इंश्योरेंस खत्म, फिर भी बच्चों का परिवहन? मनगवां के चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल पर सवाल

फिटनेस-इंश्योरेंस खत्म, फिर भी बच्चों का परिवहन? मनगवां के चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल पर सवाल

रीवा/मऊगंज। मनगवां स्थित चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल की वाहन व्यवस्था को लेकर बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि स्कूल में बच्चों के आवागमन के लिए उपयोग किए जा रहे वाहन क्रमांक MP 17 TA 1785 का फिटनेस प्रमाणपत्र और इंश्योरेंस समाप्त हो चुका है। वाहन के स्कूल वाहन के रूप में पंजीकृत नहीं होने और निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन किए जाने की शिकायत भी की गई है।

यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही का हो सकता है। सवाल यह है कि वैध दस्तावेजों और निर्धारित सुरक्षा मानकों के बिना कथित रूप से वाहन का संचालन कैसे हो रहा है? स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए क्या व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं?

हादसा हुआ तो जवाबदेही किसकी?

बच्चों को स्कूल लाने और घर छोड़ने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। यदि किसी वाहन का फिटनेस या बीमा समाप्त है तो दुर्घटना की स्थिति में गंभीर कानूनी और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन के साथ परिवहन व्यवस्था की निगरानी करने वाले विभागों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

आरटीओ और शिक्षा विभाग की निगरानी पर सवाल

शिकायत के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। क्या स्कूल वाहनों के फिटनेस, बीमा, परमिट, पंजीयन और यात्री क्षमता की नियमित जांच की जाती है? क्या ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गंगेव द्वारा निजी स्कूलों की परिवहन व्यवस्था का निरीक्षण किया जाता है? इन सवालों पर संबंधित विभागों से जवाब अपेक्षित है।

कमिश्नर तक पहुंची शिकायत, जांच की मांग

शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ रीवा संभाग के कमिश्नर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई है। इसमें वाहन के फिटनेस प्रमाणपत्र, इंश्योरेंस, परमिट, पंजीयन और निर्धारित यात्री क्षमता की तत्काल जांच कराने की मांग की गई है। आरोप प्रमाणित होने पर स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई गई है।

बच्चों की सुरक्षा से समझौता क्यों?

स्कूल की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं है। बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाना और घर वापस छोड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण दायित्व है। ऐसे में स्कूल संचालकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों के परिवहन में उपयोग होने वाले सभी वाहन निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करें।

अब देखना होगा कि आरटीओ विभाग, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं। क्या वाहन की मौके पर जांच कर दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाएगी या फिर किसी अप्रिय घटना के बाद ही विभागीय सक्रियता दिखाई देगी?

दैनिक आज तक 24 की अगली पड़ताल में मनगवां क्षेत्र के अन्य निजी स्कूलों की वाहन व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों को भी दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर सामने लाया जाएगा। संबंधित स्कूल प्रबंधन और अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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