शिक्षक-डॉक्टर के घरों में चोरी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, चार आरोपी पकड़े; 23 लाख का माल बरामद

शिक्षक-डॉक्टर के घरों में चोरी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, चार आरोपी पकड़े; 23 लाख का माल बरामद

रीवा। जिले में शिक्षक और चिकित्सक के घरों सहित कई स्थानों पर चोरी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 23 लाख रुपये का माल बरामद करने का दावा किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी ने कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बंद मकानों की रेकी करने के बाद रात में चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।

पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल से मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंच बनाई गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकेश कुमार साकेत, सुनील सोनी, अब्दुल रहीम और सुरेश साकेत के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से करीब 18 लाख रुपये कीमत का 110 ग्राम गलाया हुआ सोना, दो लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल किए गए दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं।

बंद मकानों को बनाते थे निशाना

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य दिन के समय बंद मकानों की रेकी करते थे। इसके बाद रात में बिजली काटकर ताले तोड़ने और चोरी करने की वारदातों को अंजाम देते थे। मामले में पुलिस अन्य वारदातों और बरामद संपत्ति के संबंध में भी जांच कर रही है।

ग्रामीणों की शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर सवाल

चोरी के मामले के खुलासे के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ा सवाल भी सामने आता है। आम लोगों की धारणा है कि प्रभावशाली व्यक्तियों, बड़े पदों पर बैठे लोगों या राजनीतिक रसूख रखने वालों के घर चोरी होने पर पुलिस तेजी से सक्रिय होती है और मामले का खुलासा करने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं। वहीं, ग्रामीण अंचलों में चोरी की घटनाओं के शिकार लोगों को कई बार शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों की ओर से ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं कि चोरी के मामलों में उनकी रिपोर्ट दर्ज कराने या आरोपियों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई जाती। कुछ लोगों का आरोप है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचने के बाद भी उन्हें न्याय के लिए इंतजार करना पड़ता है। हालांकि, इन आरोपों की व्यापकता और वास्तविक स्थिति का आकलन संबंधित मामलों के रिकॉर्ड तथा पुलिस कार्रवाई की समीक्षा से ही किया जा सकता है।

हर शिकायत पर समान कार्रवाई जरूरी

रीवा में चार आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी बरामदगी पुलिस की कार्रवाई का महत्वपूर्ण पहलू है। लेकिन कानून-व्यवस्था में जनता का भरोसा तभी मजबूत होगा, जब चोरी की प्रत्येक शिकायत को समान गंभीरता से लिया जाए। पीड़ित व्यक्ति की सामाजिक स्थिति, आर्थिक हैसियत या राजनीतिक पहुंच कार्रवाई का आधार नहीं होनी चाहिए।

अब सवाल यह है कि क्या पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों में दर्ज चोरी की शिकायतों की भी नियमित समीक्षा करेगी? क्या लंबित मामलों में बरामदगी और आरोपियों की पहचान के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे? निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई से ही यह भरोसा कायम हो सकता है कि कानून की नजर में हर नागरिक समान है और हर पीड़ित को न्याय पाने का समान अवसर मिलता है।

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