रीवा के डॉ. मनीष गौतम की कृति ‘धर्म दर्शन और अध्यात्म’ को मिला प्रतिष्ठित ग्रंथ पुरस्कार

रीवा के डॉ. मनीष गौतम की कृति ‘धर्म दर्शन और अध्यात्म’ को मिला प्रतिष्ठित ग्रंथ पुरस्कार

रीवा। धर्म, दर्शन और अध्यात्म के क्षेत्र में लेखन एवं शोध के लिए रीवा के साहित्यकार डॉ. मनीष प्रसाद गौतम को प्रतिष्ठित ‘पूज्यपाद औघड़ गुरुपद सम्भवराम जी ग्रंथ पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान उनकी महत्वपूर्ण कृति ‘धर्म दर्शन और अध्यात्म’ के लिए प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। डॉ. गौतम पत्रकार अतीत गौतम के छोटे भाई हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, शुभचिंतकों और साहित्यिक जगत से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे परिवार और क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय तथा विवेकानंद विश्वविद्यालय, सागर के संयोजन और भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के तत्वावधान में दर्शन परिषद (मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़) का आयोजन किया गया। ‘धर्म एवं विज्ञान’ केंद्रीय विषय पर आयोजित परिषद के उद्घाटन सत्र में डॉ. गौतम को उक्त ग्रंथ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्राप्त की उच्च शिक्षा

डॉ. मनीष प्रसाद गौतम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रीवा से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से शास्त्री एवं आचार्य की उपाधियां हासिल कीं। उन्होंने राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, शृंगेरी से बीएड की शिक्षा प्राप्त की तथा अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा से वर्ष 2024 में अपना शोध कार्य पूर्ण किया।

डॉ. गौतम के अनेक शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। वे विभिन्न शैक्षणिक एवं दार्शनिक अधिवेशनों में भी शोधपत्रों का वाचन कर चुके हैं। दर्शन, धर्म और अध्यात्म के अध्ययन-अनुसंधान में उनकी विशेष रुचि रही है। उनकी पुस्तक को मिला सम्मान उनके अकादमिक अध्ययन और लेखन के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है।

अघोर परंपरा और आध्यात्मिक साहित्य को प्रोत्साहन

‘पूज्यपाद औघड़ गुरुपद सम्भवराम जी ग्रंथ पुरस्कार’ का उद्देश्य अघोर परंपरा, दर्शन, अध्यात्म और ज्ञानपरक साहित्य के क्षेत्र में रचनात्मक योगदान को प्रोत्साहित करना है। इस पुरस्कार की शुरुआत रीवा के डॉ. आशुतोष कुमार सिंह द्वारा अपने आध्यात्मिक गुरु के आशीर्वाद से की गई।

पूज्यपाद औघड़ गुरुपद सम्भवराम जी आध्यात्मिक साधना, समाज सेवा, शिक्षा और संस्कारों से जुड़ी परंपरा के लिए जाने जाते हैं। उनसे संबंधित आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों के माध्यम से ज्ञान, शोध और साहित्य को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जाता है।

परिवार और विंध्य क्षेत्र के लिए गौरव

डॉ. मनीष प्रसाद गौतम की कृति ‘धर्म दर्शन और अध्यात्म’ को मिले इस सम्मान को रीवा की शैक्षणिक एवं साहित्यिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। उनकी सफलता पर परिवार और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। यह सम्मान धर्म, दर्शन और अध्यात्म के क्षेत्र में उनके अध्ययन एवं शोध कार्यों को नई पहचान देने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।

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