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| विजयादशमी पर गढ़ थाने में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शस्त्र पूजन |
रीवा/मऊगंज - विजयादशमी के पावन अवसर पर रीवा एवं मऊगंज जिले में शस्त्र पूजन की परंपरा श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाई गई। पुलिस थानों और चौकियों में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शस्त्रों का पूजन कर जनसुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया।
इसी क्रम में रीवा जिले के गढ़ थाना परिसर में दोपहर 12 बजे शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी अवनीश पांडेय के नेतृत्व में पुलिस स्टाफ की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। पंडितों ने संस्कृत मंत्रों के उच्चारण के साथ पारंपरिक विधि से शस्त्र पूजन कराया।
कार्यक्रम में एएसआई सुखेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक राजेंद्र पांडेय, महेंद्र सिंह, जितेंद्र सेन, राजेश पाठक, देवेंद्र सिंह और आरक्षक गगन पुरोहित सहित थाना स्टाफ मौजूद रहा। सभी पुलिसकर्मियों ने धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए जनसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
आस्था के साथ कर्तव्य का संदेश
भारतीय संस्कृति में विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय और भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति से जुड़ा है। इसी परंपरा के तहत शस्त्र पूजन का विशेष महत्व माना जाता है।
पुलिस विभाग में शस्त्र केवल सुरक्षा के साधन नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की रक्षा के दायित्व के प्रतीक भी हैं। शस्त्र पूजन के माध्यम से पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों, अनुशासन और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को स्मरण करते हैं।
विजयादशमी पर आयोजित इस कार्यक्रम में शांति, सुरक्षा, जनकल्याण और समृद्धि की कामना की गई। गढ़ थाना परिसर में संपन्न शस्त्र पूजन ने धार्मिक आस्था के साथ नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पुलिस बल की जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया।
