घटना के बाद सीधी, रीवा और आसपास के जिलों की पुलिस को अलर्ट किया गया है। संदिग्ध वाहनों की जांच और नाकेबंदी के साथ आरोपी तथा उसे छुड़ाने वाले बदमाशों की तलाश की जा रही है।
15 टन गांजा मामले में गिरफ्तार हुआ था आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाया गया आरोपी आदित्य मिश्रा ओडिशा में दर्ज करीब 15 टन गांजा बरामदगी से जुड़े NDPS मामले में गिरफ्तार किया गया था। ओडिशा पुलिस की साइबर सेल की मदद से आरोपी तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, इसी दौरान छुइया घाटी में बदमाशों ने पुलिस वाहन को निशाना बना दिया।
आदित्य मिश्रा का नाम रीवा और मऊगंज क्षेत्र में दर्ज NDPS सहित अन्य मामलों में भी सामने आने की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से दी जा रही है। वह पूर्व में 50 हजार रुपये का इनामी आरोपी भी रह चुका है।
चारों टायरों में गोलियां चलाकर रोका वाहन
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेरने के बाद उसके चारों टायरों पर फायरिंग की। टायर क्षतिग्रस्त होने के बाद वाहन रुक गया। इसके बाद आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर मिर्ची पाउडर और स्प्रे का इस्तेमाल किया। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका नहीं मिला और बदमाश आरोपी आदित्य मिश्रा को लेकर मौके से फरार हो गए।
घटना में किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी की आधिकारिक पुष्टि जांच के आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगी।
पुलिस रूट और आरोपी की जानकारी कैसे पहुंची?
पुलिस अभिरक्षा में चल रहे एक गंभीर NDPS आरोपी को हथियारबंद बदमाशों द्वारा बीच रास्ते से छुड़ा ले जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी होगा कि आरोपी की आवाजाही, पुलिस वाहन के रूट और समय की जानकारी हमलावरों तक कैसे पहुंची।
इसके अलावा कितने लोग इस वारदात में शामिल थे, उनके पास कितने वाहन और हथियार थे, हमलावरों ने पुलिस वाहन की घेराबंदी की योजना कैसे बनाई और घटना से पहले आरोपी की गतिविधियों पर किस स्तर तक निगरानी रखी जा रही थी—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
नशा तस्करी के नेटवर्क पर भी नजर
रीवा संभाग लंबे समय से अलग-अलग प्रकार के मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी पुलिस कार्रवाइयों के कारण चर्चा में रहा है। गांजा, शराब और अन्य मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में समय-समय पर कार्रवाई होती रही है। ऐसे में इस घटना के बाद नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की भी जांच किए जाने की जरूरत सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर कुछ तरह की चर्चाएं और दावे सामने आ सकते हैं कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की पहुंच प्रभावशाली व्यक्तियों अथवा तंत्र के विभिन्न स्तरों तक है, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना उन्हें तथ्य नहीं माना जा सकता। इसी तरह यह भी अभी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस अभिरक्षा में आरोपी की आवाजाही की जानकारी हमलावरों तक किस माध्यम से पहुंची।
यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा आरोपी की लोकेशन, पुलिस रूट या अन्य संवेदनशील जानकारी उपलब्ध कराने के तथ्य सामने आते हैं, तो उसकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। फिलहाल इन बिंदुओं पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
रीवा से सीधी तक पुलिस अलर्ट
घटना के बाद सीधी, रीवा, मऊगंज और आसपास के जिलों में पुलिस ने नाकाबंदी बढ़ा दी है। संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई की जा रही है।
रीवा रेंज के आईजी डॉ. गौरव राजपूत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस का प्रयास आरोपी आदित्य मिश्रा को दोबारा गिरफ्तार करने के साथ-साथ उसे पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने वाले सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है।
छुइया घाटी की यह वारदात केवल एक आरोपी के फरार होने का मामला नहीं है, बल्कि इसमें पुलिस वाहन की सुरक्षा, आरोपी के मूवमेंट की गोपनीयता और अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े संभावित कनेक्शन जैसे कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आए हैं। इन सभी सवालों का जवाब अब पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगा।
