एग्रीस्टेक से प्राकृतिक खेती तक... आत्मा चौपाल में किसानों को डिजिटल कृषि की दी जानकारी

एग्रीस्टेक से प्राकृतिक खेती तक... आत्मा चौपाल में किसानों को डिजिटल कृषि की दी जानकारी

रीवा - मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत रबी वर्ष 2026-27 की तैयारियों को लेकर विकासखंड गंगेव में आत्मा चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में विभिन्न ग्रामों से पहुंचे प्रगतिशील किसानों को डिजिटल कृषि मिशन, एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता, ई-विकास प्रणाली 2.0 के माध्यम से उर्वरक का अग्रिम उठाव, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, उद्यानिकी विस्तार एवं दुग्ध उत्पादन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

कार्यक्रम में माला, पटेहरा, धुधकी, नीवी लालगांव, हीरूडीह, हिनौती, इटहा सहित आसपास के ग्रामों के किसान एवं आत्मा परियोजना के तकनीकी अधिकारी दीपक कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कृषि विशेषज्ञ ने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक पंजीयन समय पर कराने की अपील की।

फार्मर रजिस्ट्री से योजनाओं का सीधा लाभ

चौपाल में बताया गया कि कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रीवा के निर्देशन में जिले में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से चल रहा है। किसानों से अपनी फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने की अपील की गई। बताया गया कि इसके माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन, कृषि अनुदान, किसान क्रेडिट कार्ड एवं कृषि ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम हो सकती है।

फार्मर रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज तथा बैंक पासबुक की प्रति जैसे आवश्यक दस्तावेज साथ रखने की जानकारी दी गई।

ई-विकास प्रणाली 2.0 से उर्वरक खरीद हुई सरल

किसानों को ई-विकास प्रणाली 2.0 की सुविधाओं से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि नई व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाया गया है। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक का चयन कर सकेंगे। फसलवार आईसीएआर अनुशंसा के अनुसार विभिन्न उर्वरक समूहों की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी।

अतिरिक्त उर्वरक के लिए पहले लागू लिखित कारण बताने की बाध्यता को हटाकर ड्रॉपडाउन के माध्यम से कारण चयन की सुविधा दी गई है। टोकन जनरेट होने के 24 घंटे बाद उसे निरस्त करने की सुविधा तथा फसल खराब होने की स्थिति में दोबारा उर्वरक मांगने के लिए एक्सेप्शन हैंडलिंग की व्यवस्था की जानकारी भी दी गई। ऐसे प्रकरणों का तहसीलदार अथवा एसडीएम द्वारा निर्धारित समय में अनुमोदन किया जाएगा।

तकनीक से बदल रही खेती की तस्वीर

कृषि विशेषज्ञ दीपक कुमार श्रीवास्तव ने किसानों को मौसम आधारित खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई, आधुनिक कृषि यंत्रों और डिजिटल कृषि सेवाओं की जानकारी दी। किसानों को बदलती जलवायु के अनुरूप फसल चयन और जोखिम प्रबंधन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

प्राकृतिक खेती और कम पानी वाली फसलों पर जोर

चौपाल में प्राकृतिक खेती के फायदे बताते हुए कहा गया कि इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ाने, रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने और खेती की लागत घटाने में मदद मिल सकती है। किसानों से आगामी रबी सीजन में कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को प्रोत्साहित करने की अपील की गई।

कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना गंगेव ने किसानों और महिलाओं से अपील की कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी एवं आवेदन के लिए 29 अगस्त को मनगवां नगर परिषद क्षेत्र में सुबह 11 बजे से आयोजित मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाएं।

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