महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, विधायक के कथित बयान पर गिरफ्तारी की मांग

महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, विधायक के कथित बयान पर गिरफ्तारी की मांग

रीवा। कांग्रेस के सेमरिया विधायक अभय मिश्रा के  आपत्तिजनक एवं महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले बयान को लेकर रीवा नगर की महिलाओं में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और वहां से पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक मार्च निकालकर विधायक के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज करने तथा कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

रीवा नगर महिला सामाजिक संगठन एवं कल्याण समिति के नेतृत्व में महिला प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले किसी भी जनप्रतिनिधि को महिलाओं की गरिमा और प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने वाले कथित बयान देने का अधिकार नहीं है। महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मातृशक्ति के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने कहा कि मृत महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसी बात सार्वजनिक रूप से कहना अत्यंत अमर्यादित, असंवेदनशील और महिला समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे कथित बयान को सामान्य राजनीतिक बयान मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्रीमती माया सिंह ने भी कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की मानसिकता अत्यंत ही गिरी हुई है उसके नेता इस तरह से बयान दे रहे हैं जैसे वह सामाजिक जीवन से ऊपर हो विधायक ने जिस तरह से मातृशक्ति के मान सम्मान को कलंकित करने का काम किया है उसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा और ना ही माफ किया जा सकता है रीवा जिले की मातृशक्ति ऐसे लोगों को करारा सबक सिखाने में सक्षम है चुनाव आने दीजिए एक भी महिला का वोट कांग्रेस को नहीं मिलेगा

श्रीमती मनीषा पाठक ने कहा कि महिलाओं का सम्मान किसी राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी है। जिस प्रकार कथित तौर पर महिलाओं के मान-सम्मान और प्रतिष्ठा पर आघात किया गया है, उससे महिला समाज में गहरा आक्रोश है।

श्रीमती विमलेश मिश्रा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली कांग्रेस को अपने ही विधायक के कथित बयान पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी ऐसे मामले में चुप्पी साधती है तो इससे महिलाओं के बीच गलत संदेश जाता है। उन्होंने मृत आत्माओं के सम्मान को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।

जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पूर्णिमा तिवारी ने कहा कि जनप्रतिनिधि होना कानून से ऊपर होने का अधिकार नहीं देता। यदि किसी जनप्रतिनिधि के कथित बयान से महिलाओं की गरिमा और कानून का उल्लंघन हुआ है तो निष्पक्ष जांच के बाद विधि सम्मत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

श्रीमती विभा पटेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता इस कथित बयान पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं, इसका जवाब जनता और महिलाओं को मिलना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर कानून के अनुसार FIR दर्ज करने की मांग की।

श्रीमती साधना गुप्ता ने कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली कांग्रेस को पहले अपने नेताओं के बयानों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सम्मान से जुड़े विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर कार्रवाई होनी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि कथित बयान के लिए केवल राजनीतिक सफाई पर्याप्त नहीं, बल्कि कानून के अनुसार जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं की अस्मिता, सम्मान और गरिमा पर चोट करने वाला कोई भी बयान स्वीकार नहीं किया जाएगा। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए तथा दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद महिलाओं ने एसपी कार्यालय तक मार्च किया और ज्ञापन सौंपकर अभय मिश्रा के कथित बयान की जांच, तत्काल FIR तथा कानून के अनुसार गिरफ्तारी की कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन में रीवा नगर महिला सामाजिक संगठन एवं कल्याण समिति की अगुवाई में श्रीमती सरस्वती गुप्ता, पार्षद ज्योति सिंह, कल्पना पटेल, सुमन शुक्ला, वीणा शुक्ला, निहारिका सिंह, सोनू उपाध्याय, सरोज तिवारी, सुमन तिवारी, नीलम चौरसिया, पूनम मिश्रा, मधु द्विवेदी, शशि सिंह परमार, संगीता यादव, पूजा सिंह, अमिता सिंह, आशा गुप्ता, नीता साकेत, संध्या काल, नीलू जैन, नेहा सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।

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