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| करोड़ों के खर्च के बीच डभौरा में अंधेरा, कचरा और जलभराव पर सवाल |
रीवा। नई नगर परिषद डभौरा में करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की चर्चा के बीच वार्डों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वार्ड क्रमांक 7 में बंद स्ट्रीट लाइट, जगह-जगह कचरे के ढेर और जलभराव की समस्या को लेकर पार्षद आसमां रचना आदिवासी ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
पार्षद के अनुसार 12 सितंबर को वार्ड भ्रमण के दौरान कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट बंद मिलीं। गलियों में कचरा जमा होने के साथ नालियों की नियमित सफाई नहीं होने की शिकायत भी सामने आई। बारिश के दौरान जलनिकासी बाधित होने से कुछ स्थानों पर घरों में पानी घुसने की स्थिति बनने का भी दावा किया गया है। पार्षद का आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों को कई बार फोन के माध्यम से समस्या की जानकारी देने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया।
पार्षद ने थाना प्रभारी को आवेदन देकर 15 सितंबर तक समस्याओं का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि तय समय तक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो नगर परिषद कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा। वहीं, नगर परिषद में अब तक करीब 68 करोड़ रुपये खर्च होने की स्थानीय चर्चा भी इन सवालों को और गंभीर बनाती है। हालांकि इस राशि और वित्तीय अनियमितता से जुड़े आरोपों की आधिकारिक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि करोड़ों रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए जा रहे हैं तो वार्ड की गलियों में अंधेरा, कचरा और जलभराव क्यों दिखाई दे रहा है? अब निगाह नगर परिषद और प्रशासन की कार्रवाई पर है कि 15 सितंबर की समयसीमा से पहले वार्ड-7 की समस्याओं का समाधान होता है या पार्षद को धरने का रास्ता अपनाना पड़ता है।
