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| सत्य निकेतन हादसे के बाद AIIMS पहुंचीं CM रेखा गुप्ता, परिजनों को गले लगाकर बंधाया ढांढस |
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने की दर्दनाक घटना ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों से मिलने और घायलों का हाल जानने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई परिजनों को गले लगाकर उनका दुख साझा किया।
मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों से भी घायलों के इलाज और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और इलाज में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने राहत और उपचार से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने को कहा।
सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे के बाद करीब 28 घंटे तक राहत और बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन मलबे में फंसे सभी लोगों को बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद से पीड़ित परिवारों में शोक का माहौल है। अस्पताल के बाहर परिजनों की आंखों में अपनों को खोने का दर्द साफ दिखाई दिया।
पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर बड़े सवाल
इस हादसे ने दिल्ली में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा की पहले जांच की गई थी? यदि भवन में निर्माण संबंधी खतरा था तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पीजी में बड़ी संख्या में छात्रों के रहने के बावजूद सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी क्यों नहीं हुई?
मुख्यमंत्री ने घटना के कारणों की जांच और जिम्मेदारी तय करने को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। सरकार की ओर से यह संकेत दिया गया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सत्य निकेतन हादसा अब केवल एक इमारत के गिरने की घटना नहीं रह गया है, बल्कि इसने राजधानी में छात्रों की सुरक्षा, पीजी व्यवस्था, अवैध निर्माण और प्रशासनिक निगरानी की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
