| पहले 15 महीने का हिसाब दें कांग्रेसी, फिर स्वास्थ्य मंत्री का विभाग बदलने की मांग करें : योगेंद्र शुक्ला |
रीवा। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को स्वास्थ्य मंत्री के पद से हटाने की कांग्रेस प्रदेश महासचिव गुरमीत सिंह मंगू की मांग पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश मीडिया सदस्य योगेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं की यह मांग जनहित से ज्यादा राजनीतिक हताशा और अपनी खोई हुई जमीन तलाशने की कवायद नजर आती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को दूसरे के विभाग और कुर्सी की चिंता करने से पहले अपने 15 महीने के शासनकाल और रीवा महापौर के कार्यों का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।
योगेंद्र शुक्ला ने कहा कि जब कांग्रेस के हाथ में प्रदेश की सत्ता थी, तब रीवा और पूरे विंध्य की जनता विकास, रोजगार, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल करती रही, लेकिन कांग्रेस सरकार इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा रीवा और विंध्य के लिए की गई घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से सवाल किया कि उन घोषणाओं में से कितनी योजनाएं धरातल पर पहुंचीं और कितनी केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित रह गईं।
उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस नेता स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बयान दे रहे हैं, लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि कांग्रेस के 15 महीने के शासनकाल में रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कौन से निर्णायक कदम उठाए गए। यदि कांग्रेस के पास अपने शासनकाल और रीवा महापौर की उपलब्धियों की सूची है तो उसे सार्वजनिक कर जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड रखना चाहिए।
भाजपा नेता ने कहा कि जिस पार्टी के पास अपने शासनकाल का हिसाब देने के लिए ठोस जवाब नहीं है, उसके नेता अब स्वास्थ्य मंत्री का विभाग बदलने की मांग करके सुर्खियां बटोरना चाहते हैं। जनता अब इस तरह की राजनीति को समझ चुकी है। केवल बयान देने से अस्पताल नहीं बनते और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार नहीं होता। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना कांग्रेस का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आलोचना तथ्यों और तर्कों के आधार पर होनी चाहिए।
योगेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार के समय रीवा के विकास को लेकर की गई घोषणाओं का क्या हुआ? उन्होंने इको पार्क को निरस्त करने तथा रीवा-विंध्य के सड़क, बिजली और पानी के लिए मिलने वाली राशि को लेकर भी कांग्रेस पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते कांग्रेस नेताओं ने इन मुद्दों पर आवाज नहीं उठाई और अब विपक्ष में आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल किए जा रहे हैं।
उन्होंने रीवा नगर निगम की कार्यप्रणाली और बारिश के दौरान सामने आई समस्याओं का भी उल्लेख करते हुए कांग्रेस से पूछा कि सत्ता में रहते किए गए वादों में से कितने पूरे किए गए। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल भाषणों और घोषणाओं से नेताओं का मूल्यांकन नहीं करती, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाले कामों को देखती है।
योगेंद्र शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले रीवा नगर निगम में किए गए वादों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए। जनता से किए गए वादों, की गई घोषणाओं और पूरे किए गए कार्यों का हिसाब देने के बाद ही उन्हें उपमुख्यमंत्री के कामकाज पर सवाल उठाने का नैतिक साहस दिखाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रीवा की राजनीति अब केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह सकती। जनता विकास चाहती है और सरकारों के काम की तुलना करती है। उन्होंने दावा किया कि रीवा में चौतरफा विकास हो रहा है और इसी से कांग्रेस परेशान होकर आधारहीन बयानबाजी कर रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में कहीं कमी है तो कांग्रेस उसे तथ्यों के साथ सामने रखे और सुधार के सुझाव दे। केवल किसी मंत्री को हटाने या विभाग बदलने की मांग करने से व्यवस्था में सुधार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
योगेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नकारात्मक और अराजकतावादी राजनीति से न तो विकास रुकने वाला है और न ही जनता का विश्वास बदला जा सकता है। जनता अब बयानबाजी नहीं, बल्कि काम का हिसाब चाहती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले अपने शासनकाल और नगर निगम से जुड़े कार्यों का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाना चाहिए। इसके बाद ही उन्हें वर्तमान सरकार और उपमुख्यमंत्री के काम पर सवाल उठाना चाहिए। रीवा की जनता अब भाषणों से नहीं, बल्कि विकास के धरातल पर दिखाई देने वाले परिणामों से नेताओं का मूल्यांकन कर रही है।