रीवा-मऊगंज में सट्टे का कथित नेटवर्क, नशे के खिलाफ कार्रवाई के बीच उठे कई सवाल

रीवा-मऊगंज में सट्टे का कथित नेटवर्क, नशे के खिलाफ कार्रवाई के बीच उठे कई सवाल

रीवा/मऊगंज। रीवा और मऊगंज जिले में नशीली कफ सिरप व अन्य नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बीच अब कथित रूप से संचालित जुआ-सट्टे के कारोबार को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा और शिकायतों के अनुसार दोनों जिलों में सट्टे का कारोबार कई इलाकों में लंबे समय से सक्रिय है। आरोप है कि इसमें बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं और रोजाना बड़ी रकम का लेन-देन होता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार सट्टा केवल किसी एक समय या एक-दो घंटे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दिनभर अलग-अलग दौर में नंबर लगाए जाने और परिणाम आने का सिलसिला चलता है। सुबह से रात तक अलग-अलग समय पर ओपन-क्लोज के नाम से सट्टा लगाए जाने की बात कही जा रही है। दावा है कि अलग-अलग समय पर रकम लगाकर कुछ घंटों के भीतर परिणाम के आधार पर भुगतान किया जाता है।

कमीशन के नाम पर रकम कटने का आरोप

सट्टे के इस कथित कारोबार में रकम लगाने वाले लोगों से कमीशन लिए जाने की भी चर्चा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग इस खेल में अपनी रकम लगाते हैं, लेकिन जीतने वालों की संख्या सीमित रहती है। ऐसे में नुकसान उठाने वाले परिवारों की आर्थिक स्थिति पर इसका सीधा असर पड़ने की बात सामने आती है। इसी तरह जुए के अड्डों को लेकर भी ग्रामीण क्षेत्रों से शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। रीवा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अलावा मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के रिमारी गांव में तालाब के दक्षिण दिशा में लंबे समय से जुआ खेले जाने की शिकायत स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। आरोप है कि मौसम के अनुसार कभी खुले स्थान पर तो कभी कमरे के भीतर जुआ संचालित होता है। यहां प्रत्येक खिलाड़ी से अलग-अलग नाम पर कमीशन लिए जाने की बात भी कही जा रही है।

गढ़ क्षेत्र में भी सट्टे को लेकर चर्चा

रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के आसपास भी सट्टे के कथित संचालन को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों द्वारा यह गतिविधि संचालित की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।

परिवारों पर पड़ रहा असर

सट्टा और जुआ केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहते। लगातार हारने के बाद कर्ज, घरेलू विवाद, मानसिक तनाव और पारिवारिक विघटन जैसी स्थितियां पैदा होने की आशंका रहती है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए छोटी रकम का नुकसान भी बड़ा आर्थिक संकट बन सकता है। युवाओं के इस तरह के कारोबार की ओर आकर्षित होने को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों से प्रभावी निगरानी की मांग

स्थानीय लोगों की मांग है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ जुआ-सट्टे के कथित नेटवर्क की भी खुफिया स्तर पर जांच की जाए। केवल छोटे स्तर पर रकम लगाने वालों पर कार्रवाई के बजाय कथित रूप से कारोबार संचालित करने वालों और यदि किसी स्तर पर संरक्षण देने की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों की भी जांच होनी चाहिए। रीवा-मऊगंज में जुआ-सट्टे के कथित कारोबार की वास्तविक स्थिति क्या है, इसमें कितनी रकम का लेन-देन होता है और स्थानीय स्तर पर इसकी निगरानी कितनी प्रभावी है—इन सवालों का जवाब पुलिस की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई से ही सामने आ सकता है।

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