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| खाकी की रेड, मुलाज़िम हिरासत में... लेकिन 'किंगपिन' हवा! शहडोल में शराब ठेकेदार के दफ्तर पर छापे से मची हलचल |
शहडोल - जिले में लंबे समय से फल-फूल रहे शराब के काले कारोबार पर शनिवार को पुलिस का चाबुक तो चला, लेकिन कार्रवाई के तरीके और नतीजों ने खाकी पर ही कई सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। शहपुरा (डिंडोरी) और सोहागपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने शहडोल स्थित एक चर्चित शराब ठेकेदार के मुख्य कार्यालय पर अचानक दबिश दी। पुलिस दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले गई, लेकिन पूरे मामले का 'मुख्य किरदार' पुलिस की पकड़ से बाहर ही रहा।
अवैध पैकारी और ओवररेटिंग की शिकायतें: सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई अवैध शराब की तस्करी, मनमाने दामों पर बिक्री (ओवररेटिंग) और गांव-गांव पैकारी फैलाने की मिल रही शिकायतों के बाद की गई है। ठेकेदार के इस कथित नेटवर्क को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी समय से आक्रोश था।
रेड से ठीक पहले कैसे गायब हुआ मुख्य आरोपी? इस पूरी कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मामले का मुख्य आरोपी सीताशरण पुलिस के हाथ नहीं लगा। स्थानीय गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं कि कार्रवाई से ठीक पहले ही आरोपी को निकलने का मौका मिल गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस की दबिश की सूचना पहले ही लीक हो चुकी थी? या फिर यह सिर्फ एक 'दिखावे' की कार्रवाई बनकर रह गई है?
उठते बड़े सवाल:
जब दो थानों की पुलिस ने मिलकर योजना बनाई, तो मुख्य आरोपी तक टीम क्यों नहीं पहुँच सकी?
क्या जांच केवल छोटे कर्मचारियों तक सिमट कर रह जाएगी, या 'शराब माफिया' के आकाओं पर भी शिकंजा कसेगा?
फिलहाल पुलिस ने इस लीकेज के दावों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और जांच जारी होने की बात कह रही है। लेकिन इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि इलाके में शराब माफिया के हौसले किस कदर बुलंद हैं।
