![]() |
| रीवा जोन में अपराध समीक्षा बैठक, अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश |
रीवा। पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत की अध्यक्षता में 10 अगस्त 2026 को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय रीवा में रीवा जोन के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रीवा जोन के अंतर्गत आने वाले रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज और मैहर जिलों की कानून-व्यवस्था एवं अपराध की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक हेमंत चौहान, पुलिस अधीक्षक रीवा गुरकरण सिंह, सतना पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, सिंगरौली पुलिस अधीक्षक पीयाज के.एम., मैहर पुलिस अधीक्षक अवधेश सिंह और मऊगंज पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र कुमार जैन सहित जोन में पदस्थ प्रशिक्षण आईपीएस अधिकारी एवं जिलों के सहायक लोक अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे।
लंबित प्रकरणों के निराकरण पर जोर
बैठक में लंबित अपराध, मर्ग, चालान, शिकायत, राहत प्रकरण, चिन्हित प्रकरण, समंस और वारंट सहित विभिन्न मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई। आईजी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। गंभीर मामलों में जांच की गुणवत्ता बनाए रखते हुए आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
गुम नाबालिगों की तलाश को प्राथमिकता
आईजी रीवा ने गुम नाबालिग बालक-बालिकाओं की अधिक से अधिक दस्तयाबी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करे। गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और अन्य माध्यमों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती
बैठक में अवैध नशीले पदार्थों और मादक पदार्थों की तस्करी पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को नशे के कारोबार से जुड़े लोगों और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस को नशे के अवैध कारोबार पर लगातार नजर रखने और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी पेट्रोलिंग
कानून-व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दिखाई दे और संभावित घटनाओं को रोकने के लिए समय रहते आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर समाधान
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। आईजी ने अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार निगरानी रखने तथा बैठक में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में लंबित मामलों के निराकरण, गुम नाबालिगों की दस्तयाबी, नशे के खिलाफ कार्रवाई, रात्रि गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता और आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देने पर जोर रहा।
