नवविवाहिता की मौत के मामले में पति गिरफ्तार, आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

नवविवाहिता की मौत के मामले में पति गिरफ्तार, आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

रीवा - जवा थाना क्षेत्र के ग्राम गाढ़ा 138 दादर टोला में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में पति की भूमिका सामने आने के बाद उसके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज से संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया। आरोपी को 10 अगस्त 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रीवा डॉ. गुरकरन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा के निर्देशन तथा एसडीओपी डभौरा नारायण सिंह कुमरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अरविंद सिंह एवं पुलिस टीम द्वारा की गई।

जहरीला पदार्थ खाने के बाद हुई थी मौत

पुलिस के मुताबिक 13 जुलाई 2026 को सूचनाकर्ता राधेश्याम माझी, निवासी गाढ़ा 138 दादर टोला, थाना जवा ने पुलिस को सूचना दी थी कि रूपा माझी पत्नी दिलीप माझी उर्फ राजू माझी, उम्र 25 वर्ष, ने अज्ञात जहरीला पदार्थ खा लिया है। तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। सूचना के आधार पर थाना जवा में मर्ग क्रमांक 30/26, धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला कायम कर जांच शुरू की गई। मृतका नवविवाहिता होने के कारण मामले की जांच एसडीओपी डभौरा द्वारा की गई।

जांच में पति की भूमिका सामने आई

पुलिस के अनुसार मर्ग जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और बयानों के आधार पर मृतका के पति दिलीप माझी उर्फ राजू माझी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच के बाद पुलिस ने उसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 215/26 के तहत धारा 85, 80(2) बीएनएस एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को 10 अगस्त 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

आरोपी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिलीप माझी उर्फ राजू माझी, उम्र 27 वर्ष, निवासी दादर टोला, गाढ़ा 138, थाना जवा, जिला रीवा के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। नवविवाहिता की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पुलिस द्वारा जांच की गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अरविंद सिंह, सहायक उपनिरीक्षक रन्नो देवी, प्रधान आरक्षक शरद सिंह, आरक्षक सूरज सिंह, वेद प्रकाश वर्मा, अभिषेक त्रिपाठी और धर्मेंद्र गुप्ता की सराहनीय भूमिका रही।

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