| मऊगंज में दर्दनाक हादसा: घर के बाहर खेलते-खेलते लापता हुई डेढ़ साल की मासूम का शव नाले में मिला |
मऊगंज - मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घर के बाहर खेल रही डेढ़ साल की मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई। पूरी रात परिजन और ग्रामीण उसे ढूंढ़ते रहे, लेकिन सुबह जब उसका शव घर से करीब 200 मीटर दूर पानी से भरे नाले में मिला तो पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। मासूम की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
यह हृदयविदारक घटना हनुमना थाना क्षेत्र की हाटा चौकी अंतर्गत लोढ़ी गांव के बैसखिया टोला की है। जानकारी के अनुसार ज्ञानेंद्र साकेत की पुत्री सन्या साकेत (उम्र 1 वर्ष 7 माह) रविवार शाम करीब पांच बजे घर के बाहर अन्य बच्चों की तरह खेल रही थी। कुछ देर बाद जब परिजनों की नजर उस पर नहीं पड़ी तो उन्होंने आसपास तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बावजूद बच्ची का कोई पता नहीं चला।
धीरे-धीरे पूरे गांव को घटना की जानकारी लगी और ग्रामीण भी मासूम की तलाश में जुट गए। रातभर नाले, खेत, कुएं और आसपास के हर संभावित स्थान पर खोजबीन की गई। परिजनों ने हाटा चौकी पहुंचकर बच्ची की गुमशुदगी की सूचना भी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने भी तलाश शुरू कर दी।
सोमवार सुबह गांव के कुछ लोगों ने घर से लगभग 200 मीटर दूर एक पानी से भरे नाले में बच्ची का शव तैरता हुआ देखा। सूचना मिलते ही हाटा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए हनुमना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि मासूम की मौत नाले के पानी में डूबने से हुई है। हालांकि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।
घटना के बाद पूरे बैसखिया टोला में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव के लोग भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाले के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते या खतरे वाले स्थानों को सुरक्षित किया गया होता, तो शायद यह मासूम आज जीवित होती।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और बरसात के मौसम में खुले नालों व जलभराव वाले स्थानों के प्रति सतर्कता की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का असहनीय दर्द न झेलना पड़े।