| 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की 8 सूत्रीय मांगें, 10 सितंबर से आंदोलन की चेतावनी |
सीहोर - प्रदेश में संचालित 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने जय अंबे सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर वेतन में कटौती, समय पर भुगतान नहीं करने सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले करीब चार वर्षों से उन्हें वेतन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार वेतन करीब दो माह की देरी से दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं संबंधित अधिकारियों से कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों के अनुसार 1 मई से लगातार न तो समय पर वेतन दिया जा रहा है और न ही पूरा भुगतान किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कर्मचारियों को परेशान करने की नीयत से अल्प वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि कंपनी को निर्देशित किया जाए कि प्रत्येक माह की 5 तारीख तक कर्मचारियों को वेतन का भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके साथ ही बकाया वेतन एवं न्यूनतम वेतन का शीघ्र भुगतान कराया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि उनसे निर्धारित समयावधि से अधिक कार्य लिया जा रहा है, जबकि उन्हें इसके अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा है।
ठेका श्रम अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है तथा कंपनी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से 30 दिसंबर 2021 को टेंडर मिला था। कर्मचारियों का कहना है कि ठेका श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1970 के तहत आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीयन की प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने शासन के संबंधित परिपत्रों का हवाला देते हुए कंपनी के पंजीयन एवं लाइसेंस की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
इसके अलावा कर्मचारियों ने माननीय उच्च न्यायालय के 13 जुलाई 2021 के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की मांग भी की है। उनका कहना है कि आदेश के अनुरूप कर्मचारियों को मिलने वाले अधिकारों एवं भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और इसकी जानकारी कर्मचारी संघ को दी जाए।
हटाए गए कर्मचारियों को पुनः ज्वाइन कराने की मांग
कर्मचारियों ने 108 एंबुलेंस सेवा से प्रबंधन द्वारा मनमाने एवं अन्यायपूर्ण तरीके से हटाए गए अथवा होल्ड किए गए कर्मचारियों को तत्काल पुनः सेवा में ज्वाइन कराने की मांग की है। साथ ही प्रदेश में कार्यरत सभी 108 एंबुलेंस कर्मचारियों को सात दिन के भीतर अनिवार्य रूप से जॉइनिंग लेटर उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
एंबुलेंस में पर्याप्त दवाइयां एवं संसाधन उपलब्ध कराने की मांग
कर्मचारियों ने 108 एंबुलेंस में पर्याप्त संसाधन, आवश्यक दवाइयां एवं ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की समस्या भी उठाई है। उनका कहना है कि संसाधनों की कमी के कारण कई बार मरीजों को समय पर आवश्यक उपचार नहीं मिल पाता, जिससे कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से नियमित ऑडिट कराकर सभी एंबुलेंस में पर्याप्त दवाइयां, संसाधन एवं ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि दुर्घटना अथवा आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।
10 सितंबर से आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया और उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे 10 सितंबर 2026 से औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 22(1)(बी) के तहत क्रमबद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित कंपनी एवं विभाग की होगी। कर्मचारियों ने शासन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए वेतन भुगतान, न्यूनतम वेतन, सेवा संबंधी अधिकारों तथा एंबुलेंस में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है।