भारत-जापान साझेदारी को नई उड़ान: PM मोदी और जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की मुलाकात

भारत-जापान साझेदारी को नई उड़ान: PM मोदी और जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की मुलाकात

नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम में भाग लिया। इस दौरान दोनों नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रक्षा, स्वास्थ्य, उन्नत विनिर्माण, निवेश और तकनीकी सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों को दोनों देशों के बीच भविष्य की साझेदारी को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

फोरम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने हरियाणा के खरखौदा स्थित मारुति सुजुकी के चौथे वाहन निर्माण संयंत्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने इंडिया-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और दोनों देशों की कंपनियों द्वारा विकसित आधुनिक तकनीकों तथा औद्योगिक परियोजनाओं की जानकारी ली।

भविष्य की साझेदारी को नई दिशा

फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जापान का संबंध केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, नवाचार और साझा विकास की मजबूत नींव पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आज दोनों देशों ने AI, रक्षा और स्वास्थ्य जैसे भविष्य के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते भारत-जापान संबंधों को और अधिक गतिशील, आधुनिक तथा भविष्य के लिए तैयार बनाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को एक बार फिर स्नेहपूर्वक अपनी "छोटी बहन" बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास और आत्मीयता का यही रिश्ता नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही और सरकार लगातार ऐसे सुधार लागू कर रही है, जिनसे निवेश और उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने लगभग हर क्षेत्र को निजी निवेश के लिए खोल दिया है और कारोबार को आसान बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने आर्थिक सुधारों के माध्यम से देश के आर्थिक ढांचे को मजबूत किया है और यही कारण है कि आज दुनिया की बड़ी कंपनियां भारत में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।

भारत-जापान सहयोग से दुनिया को मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की विशाल उत्पादन क्षमता का मेल पूरी दुनिया के लिए लाभदायक साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि आज सुजुकी के दुनिया भर में उपयोग होने वाले लगभग दो-तिहाई पुर्जे भारत में तैयार किए जाते हैं और 100 से अधिक देशों में निर्यात किए जाते हैं। इसी प्रकार कावासाकी, यामाहा और होंडा जैसी जापानी कंपनियों की मोटरसाइकिलें भी भारत में बनकर वैश्विक बाजारों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत और जापान का औद्योगिक सहयोग आने वाले वर्षों में वैश्विक सप्लाई चेन को और मजबूत करेगा तथा दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।

नए निवेशकों का किया स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी ने उन जापानी कंपनियों का आभार व्यक्त किया जो दशकों से भारत में निवेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कई जापानी कंपनियां एक सदी से भी अधिक समय से भारत के साथ जुड़ी हुई हैं। साथ ही उन्होंने फोरम से जुड़ने वाले नए निवेशकों और उद्योग समूहों का स्वागत करते हुए उन्हें भारत-जापान सफलता की कहानी का नया भागीदार बताया।

'जापान व्यापार सप्ताह' आयोजित करेगा PMO

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) जल्द ही "जापान व्यापार सप्ताह" आयोजित करेगा। इस दौरान पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी जापानी निवेशकों और उद्योगपतियों से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं को समझेंगे तथा व्यापार करने में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य भारत में निवेश प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना है।

ताकाइची ने मोदी को बताया बड़ा भाई

अपने संबोधन में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत आगमन पर आत्मीय स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच व्यापारिक तथा रणनीतिक संबंध वर्षों पुराने हैं और अब यह साझेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत हो रही है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उन्हें प्यार से अपनी "खूबसूरत छोटी बहन" कहते हैं, जबकि वह उन्हें अपना "बड़ा भाई" मानती हैं। यह दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और आत्मीय संबंधों का प्रतीक है।

ताकाइची ने विश्वास जताया कि AI, रक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में हुए नए समझौते आने वाले वर्षों में दोनों देशों की आर्थिक प्रगति को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि भारत-जापान की रणनीतिक साझेदारी केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया और वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता एवं विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

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