मण्डल गंगेव उप-तहसील का जर्जर भवन दुर्घटना को दे रहा दावत, सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
मनगवां/गंगेव - विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मण्डल गंगेव स्थित उप-तहसील कार्यालय का भवन इन दिनों अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। भवन की दयनीय और जर्जर स्थिति के चलते वहां कार्यरत सरकारी कर्मचारियों और अपने कार्यों से आने वाले पक्षकारों का जीवन हर पल खतरे में बना हुआ है। यह भवन कभी भी धराशायी हो सकता है, जिससे किसी बड़ी जनहानि की आशंका बनी हुई है।
चोरों के लिए सुरक्षित, प्रशासन के लिए उपेक्षित
भवन की जर्जर अवस्था के साथ-साथ कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह से ध्वस्त है। पिछले कुछ समय में उप-तहसील कार्यालय में दो से तीन बार चोरियां हो चुकी हैं, जिनमें सरकारी विभाग के महत्वपूर्ण अभिलेख और अन्य कीमती सामग्रियां चोरों द्वारा आसानी से पार कर दी गईं। सरकारी कार्यालय में बार-बार हो रही चोरियों की घटनाएं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश
इस स्थिति को लेकर क्षेत्र के अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि उप-तहसील मण्डल गंगेव के भवन में कामकाज जारी रखने का अब कोई औचित्य ही नहीं बचा है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी पक्षकार या कर्मचारी के साथ कोई दुर्घटना घटित होती है, तो इसके लिए पूरी तरह से शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।
नायब तहसीलदार की सूचना के बाद भी सुस्त प्रशासन
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नायब तहसीलदार द्वारा भवन की खतरनाक स्थिति और सुरक्षा के अभाव के संबंध में संबंधित उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित में सूचित किया जा चुका है। इसके बावजूद, अब तक न तो भवन की मरम्मत के लिए कोई कदम उठाया गया है और न ही कार्यालय को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है।
क्या प्रशासन बड़ी अनहोनी का कर रहा है इंतजार?
राजस्व निरीक्षक वृत्त मांडलगढ़ के अंतर्गत आने वाले इस उप-तहसील कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं से आमजन में भारी रोष है। क्षेत्रवासियों और अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्यालय को सुरक्षित भवन में शिफ्ट किया जाए, ताकि कामकाज सुचारू रूप से और भयमुक्त वातावरण में हो सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन क्या तात्कालिक कदम उठाता है।