रीवा कलेक्टर का 'धमाकेदार' एक्शन: अचानक पहुंचे संजय गांधी अस्पताल, अतिक्रमण और गंदगी देख बिफरे, दिए कड़े निर्देश
रीवा - अपनी अनूठी कार्यशैली और वीआईपी कल्चर को छोड़कर ग्राउंड जीरो पर फैसले लेने के लिए मशहूर रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आज कलेक्टर साहब ने अचानक विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल (SGMH) का औचक निरीक्षण कर अस्पताल प्रशासन और ठेकेदारों में हड़कंप मचा दिया।
मुख्य गेट पर अतिक्रमण देख भड़के कलेक्टर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने पाया कि अस्पताल के मुख्य गेट के पास बेतरतीब तरीके से दुकानें सजी हुई हैं और ऑटो पार्किंग की वजह से पूरी सड़क जाम है। इस अव्यवस्था के कारण गंभीर मरीजों और एम्बुलेंस को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। मरीजों की इस परेशानी को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही कड़ा रुख अख्तियार किया। कलेक्टर का कड़ा आदेश: "अस्पताल परिसर के अंदर और बाहर संचालित हो रही दुकानों को तत्काल व्यवस्थित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाए, ताकि एम्बुलेंस और मरीजों के रास्ते में कोई बाधा न आए।"
अस्पताल प्रबंधन को दी हिदायतें
कलेक्टर ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए प्रबंधन को निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:
अतिक्रमण मुक्त परिसर: मुख्य द्वार और पार्किंग एरिया को तुरंत खाली कराकर यातायात सुचारू किया जाए। साफ-सफाई पर जोर: अस्पताल परिसर के भीतर स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मरीजों को प्राथमिकता: आम जनमानस और मरीजों की सहूलियत ही प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंप
हमेशा की तरह बिना किसी तामझाम के अचानक पहुंचे कलेक्टर के इस एक्शन से अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों और वहां अवैध रूप से पैर पसारे ठेकेदारों के होश उड़ गए। कलेक्टर सूर्यवंशी के इस त्वरित और सख्त फैसले की आम जनता और मरीजों के परिजनों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। अब देखना यह होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस कड़े आदेश के बाद कितनी जल्दी धरातल पर बदलाव लेकर आता है।