किसी भी बच्चे को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रखा जाए - कलेक्टर श्रीमती भिड़े

किसी भी बच्चे को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रखा जाए - कलेक्टर श्रीमती भिड़े 

निवाड़ी - जिला कार्यालय के सभागार में आज आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने जिले के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आमजन से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की गहन समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री इकबाल मोहम्मद, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री रोहन सक्सेना, एसडीएम श्री अशोक कुमार सेन, तहसीलदार और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। 

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा अनुसार सभी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता और संवेदनशीलता लाएँ। 

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय एवं निर्देश: 

शिक्षा व्यवस्था: गुणवत्ता, उपस्थिति और अनुशासन 

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण और पठन-पाठन के माहौल को बेहतर बनाने हेतु कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में शिक्षकों और प्राचार्यों की शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी कर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। शिक्षण कार्य के दौरान शिक्षकों द्वारा कक्षा में मोबाइल का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई शिक्षक ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। सभी स्कूलों में रंग-रोगन, पुस्तकालय की उचित व्यवस्था और मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण किए जाएँ। ऐसे विद्यालय भवन जो जर्जर अवस्था में हैं, उनकी पहचान कर उन्हें तत्काल प्रभाव से सुधारने या डिस्मैंटल (हटाने) करने की कार्रवाई की जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो। 

नशा मुक्ति अभियान: कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी स्कूलों, हॉस्टलों और अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जाए और इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएँ। कोई भी शिक्षक किसी भी बच्चे को स्कूल में प्रवेश देने से मना नहीं कर सकता। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी बच्चे को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रखा जाए। 

स्वास्थ्य और पोषण: जनता के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर कलेक्टर ने आवश्यक निर्देश दिए। स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण (फील्ड विजिट) करें और योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत देखें। जिले में टीबी (क्षय रोग) के मरीजों की पहचान कर उनका त्वरित और नियमित उपचार सुनिश्चित किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों में अनुपस्थित पाई गई सहायिकाओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। 

जनसुनवाई और शिकायत निवारण: संवेदनशीलता सर्वोच्च 

आमजन की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए।अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगवाएँ, बल्कि जहाँ तक संभव हो, मौके पर ही उनका समाधान करें। विशेष जोर दिया गया कि किसी भी नागरिक की शिकायत दोबारा नहीं आनी चाहिए। यदि एक ही शिकायत बार-बार आती है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। 

सीएम हेल्पलाइन: सीएम हेल्पलाइन (CMHL) पर प्राप्त लंबित शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा की जाए और अधिकतम प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित हो। राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायतों में राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए जन-कल्याण शिविर आयोजित किए जाएँ। सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे से संबंधित लंबित प्रकरणों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर प्रगति लाई जाए। राशन वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि इसमें कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित दुकान संचालक और जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रभार के छोटे से छोटे गाँव का भी नियमित दौरा करें और वहाँ की मूलभूत सुविधाओं व जनसमस्याओं का निराकरण करें। कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का पालन पूरी गंभीरता के साथ किया जाए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 

आजतक 24 के प्रशासन से सवाल

1. कलेक्टर ने कहा है कि किसी भी बच्चे को दस्तावेजों के अभाव में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। यदि कोई स्कूल इस निर्देश का उल्लंघन करता है, तो अभिभावक शिकायत कहां करें और ऐसे मामलों में अब तक कितने शिक्षकों या प्राचार्यों पर कार्रवाई हुई है?

2. अधिकारियों को हर छोटे से छोटे गांव का नियमित दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं। क्या जिला प्रशासन अधिकारियों के फील्ड विजिट का मासिक रिकॉर्ड और निरीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा, ताकि यह पता चल सके कि कौन अधिकारी वास्तव में गांवों तक पहुंच रहा है और कौन नहीं?

3. जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन की शिकायत दोबारा आने पर जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई है। पिछले एक वर्ष में जिले में कितनी शिकायतें दोबारा दर्ज हुईं, और उनमें कितने अधिकारियों के खिलाफ वास्तव में अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई?


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