समय-सीमा वाले प्रकरणों का त्वरित निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं - कलेक्टर

समय-सीमा वाले प्रकरणों का त्वरित निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं - कलेक्टर

सीहोर - कलेक्टर श्री बालागुरू के. की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में टीएल बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के समय-सीमा वाले प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन, राजस्व मामलों, वन अधिकार अधिनियम, भू-अर्जन, राहत प्रकरणों तथा वर्षाकालीन व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं से जुड़े सभी प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर प्रकरणों को अनावश्यक लंबित न रखा जाये। बैठक में कलेक्टर ने भू-अर्जन, रेलवे भूमि मुआवजा वितरण, सीएम हेल्पलाइन, वन अधिकार अधिनियम तथा अन्य राजस्व प्रकरणों में अधिक पेंडेंसी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए राजस्व अधिकारियों और जिला परिवहन अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे तत्परता और गंभीरता के साथ लंबित प्रकरणों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर ने राजस्व एवं वन विभाग को निर्देश दिए कि वन अधिकार पट्टों के फौती की कार्यवाही शीघ्र पूरी की जाए। इसके साथ ही उन्होंने वन अधिकार के सामुदायिक दावों को वन मित्र पोर्टल पर दर्ज किया जाए। उन्होंने वन अधिकार समितियों (एफआरसी) से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी जनपदों के सीईओ को आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा शासकीय भूमि की मांग से जुड़े मामलों में उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हांकन कर त्वरित भूमि आवंटन की कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने वन व्यवस्थापन से संबंधित लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में वर्षाकालीन व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने निर्देश दिए कि जिले के सभी बांधों, झरनों, नदियों तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थलों पर प्रतिबंधित आवागमन का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी स्थिति में लोगों को जोखिमपूर्ण स्थानों पर जाने न दिया जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस दिशा में बुधनी क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार प्रभावी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि वर्षा के दौरान ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे नागरिकों, विशेषकर बच्चों को नदी-नाले पार करने जैसी जोखिमपूर्ण स्थिति का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी विभागों के मैदानी अमले को मुख्यालय पर उपस्थित रहकर लगातार फील्ड में सक्रिय रहने तथा किसी भी आपदा अथवा दुर्घटना की सूचना मिलते ही तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जान माल के नुकसान को रोका जा सके। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आरबीसी के प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाही करते हुए राहत राशि का प्रदान की जाए। उन्होंने विधानसभा प्रश्नों के उत्तर समय-सीमा में तैयार कर भेजने के निर्देश भी दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षक एवं अभिभावक बच्चों को नदी, तालाब, झरनों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।

बैठक में जिले के नर्मदा नदी के घाटों की स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि घाटों पर स्वच्छ वातावरण विकसित किया जाए। कचरे के नियमित निष्पादन एवं सफाई के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न विभागों द्वारा किए गए नवाचारों के प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएं, ताकि स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि विभाग के अधिकारी खाद-बीज की दुकानों का नियमित निरीक्षण करें और अनियमितताएं पाए जाने पर कड़ी कर्रवाई करें। बैठक में आगामी गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान कुबेरेश्वर धाम में होने वाले आयोजन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, अपर कलेक्टर श्री बृजेश सक्सेना, संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, श्री रविंद्र परमार, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा, श्रीमती स्वाति मिश्रा सहित सभी संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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