| जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा शहर, हर्रिनाम कीर्तन और नृत्य दल रहा साथ |
अनूपपुर - मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा से मौसी के घर से अपने घर पहुंचे भगवान जगन्नाथ,बलभद्र व बहन सुभद्रा जहां भगवान जगन्नाथ की विशेष पूजा अर्चना किया गया। अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) केंद्र अनूपपुर व लोगों के सहयोग से अनूपपुर के इतिहास में दूसरी बार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 16 जुलाई गुरूवार को भव्य रथयात्रा निकाली गई। विशेष रथ पर वैदिक विधि से विराजित प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना कर यात्रा का शुभारंभ शिव मारुति मंदिर सामतपुर में अनूपपुर से हुई। इस दौरान प्रदेश के राज्यमंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जयसवाल ने भगवान जगन्नाथ,बलभद्र व बहन सुभद्रा की पूजा किया। इसके साथ ही जिले के कोतमा, बिजुरी,राजेन्द्राग्राम, अमरकंटक सहित विभिन्नस क्षेत्रों में यात्रा निकाली गई। दिन भर चली इस रथ यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शाम को उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में संध्या आरती के साथ रथ यात्रा का समापन हुआ। इसके बाद भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम व महाप्रसाद (भंडारा) का प्रसाद ग्रहण किया गया।
अनूपपुर में रथ यात्रा पीएचई ऑफिस, अंडर ब्रिज से होते हुए उत्कृष्ट विद्यालय अनूपपुर के मैदान में पहुंची। इस दौरान हजारों श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन करते, भजनों पर झूमते हुए रथ खींचते चले। पूरे रास्तेा में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत कर आरती उतारी। साथ ही समाजसेवी व जनप्रतिनिधियों ने रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया। समापन अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी वितरित की गई। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।
भक्तों ने खीचा भगवान जगन्नाथ का रथ
इस्कॉन केंद्र के प्रमुख अनूपपुर केंद्र के प्रभारी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ इस्कॉन मंदिर के तत्वावधान में अनूपपुर शहर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई। हजारों भक्तों ने रथ खींचते हुए पूजा अर्चना की। यात्रा का शुभारंभ शिव मारुति मंदिर सामतपुर से हुआ और नगर के विभिन्न मार्गो से निकली रथयात्रा में हजारों रसिकजन रस्सी खींचकर चलते रहे। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान जगन्नाथ,सुभद्रा और बलभद्र की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान रथ के आगे सड़कों पर झाडू लगाते चलते रहे। जय जगन्नाथ का के उद्घोष लगाते राम धुन झूम रहें थे।रथयात्रा में जगह-जगह नगर के सेवादारों ने विभिन्न प्रकार के शरबत, पानी व अन्य प्रसाद की व्यवस्था की थी।
आकर्षक झांकियां और भक्तिपूर्ण दृश्य
भक्तों ने इस बार रथ यात्रा को विशेष रूप से सजाया था। कई स्थानों पर स्थानीय कलाकारों और श्रद्धालुओं द्वारा आकर्षक झांकियां बनाई गई थीं, साथ ही बालक व बालिकाओं को विशेष परिधान पहनाया गया था, जो धर्म और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रही थीं। रास्ते भर जगह-जगह भगवान की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया गया और आरती उतारी गई। शंख ध्वनि और घंटे-घडय़िाल की आवाज से मार्ग गुंजायमान रहे।
इस्कॉन केंद्र प्रमुख एवं प्रभारी ने किया आभार व्यक्त
इस्कॉन केंद्र के प्रमुख अनूपपुर केंद्र के प्रभारी ने अनूपपुर के इतिहास में यह दूसरी बार मिली सफलता के लिए प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आभार व्यक्त किया है एवं भविष्य में भी सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा है कि आने वाले वर्षों में जगन्नाथ रथ यात्रा को और आकर्षक बनाया जाएगा एवं सभी के सहयोग से अनूपपुर में शीघ्र इस्कॉन मंदिर की स्थापना की जाएगी।
बिजुरी नगर में हनुमान मंदिर चौक से निकली रथ यात्रा
बिजुरी नगर में हनुमान मंदिर चौक से भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु भगवान श्रीजगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा के रथ को खींचते हुए जयकारों के साथ नगर भ्रमण पर निकले। रथयात्रा हनुमान मंदिर चौक से प्रारंभ होकर पुनः हनुमान मंदिर चौक पर समाप्त हुई। इस दौरान नगर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व व्यापारी संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा, तोरण द्वार, मिष्ठान वितरण एवं स्वागत मंचों के माध्यम से रथयात्रा का भव्य स्वागत किया गया। रथयात्रा को लेकर पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल रहा। जगह-जगह ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। महिलाओं ने मंगल गीतों की प्रस्तुतियाँ दी, तो युवाओं ने नृत्य और भजन गायन से माहौल को भक्तिमय बना दिया। यात्रा के सुचारू संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन, नगर परिषद और स्वयंसेवकों ने मुस्तैदी से व्यवस्थाएँ संभालीं। रथ वापसी हनुमान मंदिर चौक पहुंचने पर महाआरती और महाप्रसाद वितरण के साथ किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर नगर के हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह, प्रमाणपत्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।
अमरकंटक में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा श्रद्धालुओं ने खींची रस्सी
मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में अषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीय पुनर्वास नक्षत्र 27 जून को भगवान जगन्नाथ की चल रथयात्रा जमुना दादर से निकाली गई। रथ में भगवान जगन्नाथ के साथ बहन सुभद्रा,भैया बलभद्र की आकर्षक प्रतिमा नर्मदा मंदिर पहुंचने पर विधिवत पूजन अर्चन किया गया। रथ यात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए पुन: आरंभ स्थाचन में पहुंची जहां महाआरती और महाप्रसाद वितरण के साथ किया गया। इस दौरान भक्त और श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के रथ का भक्ति भाव के साथ रथ का रास्सी खींचते रहे।
कोतमा में धूमधाम से निकली भगवान जगन्नाथ का रथ
कोतमा नगर में हर वर्षों की भांति इस वर्ष भी शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा बड़े भक्तिभाव से निकाली गई। सुबह मंगल आरती और विधि विधान से पूजा के बाद शाम 4 बजे भगवान जगन्नाथ के सुसज्जित रथ पर भगवान कृष्ण सुभद्रा और बलदाऊ की प्रतिमा विराजित कर ढोल ताशे व भजन के साथ पंचायती मंदिर स्टेशन चौक से यात्रा प्रारंभ हुई। आदिशक्ति पंचायती मंदिर प्रांगण से रथ यात्रा रेलवे मार्केट,स्टेशन चौक से गांधी चौक, पुराना स्टेट बैंक स्टेशन चौक से गांधी चौक, आजाद चौक, चौक से वीडियो मोड होकर हनुमान मंदिर से पुराना स्टेट बैंक गांधी चौक महावीर मार्ग से भ्रमण करने के बाद वापस आदिशक्ति पंचायती मंदिर पहुंची। रथ को सैकड़ों श्रद्धालु खींच कर पुण्य लाभ अर्जित किए जगह-जगह भक्तों द्वारा पुष्प वर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया गया। नगर भ्रमण कर पंचायती मंदिर में यात्रा का समापन हुआ, जहां भगवान जगन्नाथ स्वामी के पूजन कर आरती उतारी गई भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। इस यात्रा में सैकड़ों पुरुष व महिलाए युवक शामिल हुए जगह जगह भक्तों ने पंडाल लगाकर भक्तों को प्रसाद वितरित किए। बड़े भक्तिभाव से यात्रा का समापन हुआ जिसमें नगर के जनप्रतिनिधि सैकड़ों पुरुष महिलाएं व पुलिस प्रशासन व पत्रकार शामिल हुए।