सांसद श्रीमती अनीता चौहान की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक का किया गया आयोजन

सांसद श्रीमती अनीता चौहान की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक का किया गया आयोजन 

आलीराजपुर - झाबुआ-रतलाम लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती अनीता चौहान की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती संघमित्रा गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हजरी बाई खरत, जिला अध्यक्ष श्री मकू परवाल सहित समस्त जनपद पंचायत सदस्य,जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे। 

बैठक में सांसद श्रीमती चौहान ने पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), कृषि विभाग की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं भावांतर योजना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत जिले में हैंडपंपों की स्थिति, खराब एवं सुधारे गए हैंडपंपों तथा जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, विद्युत विभाग, जल संसाधन विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं और प्रगतिरत कार्यों सहित विभिन्न विभागों में कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। 

सांसद श्रीमती चौहान ने सभी अधिकारियों को अपनी विभागीय कार्ययोजना बनाकर कार्य करने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जिले के विकास को गति देने के निर्देश दिए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने उप संचालक कृषि को खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था के संबंध में गांव-गांव में किसानों को जागरूक करने और उनसे निरंतर संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को नियमानुसार एवं समय पर खाद उपलब्ध हो और वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न आए। उन्होंने खाद वितरण केंद्रों के समीप कियोस्क सेंटर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए, जिससे किसानों को ई-टोकन जनरेट करने में सुविधा हो। 

विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए सांसद श्रीमती चौहान ने नवीन ग्रिड निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी कर उन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत ऐसे क्षेत्रों में प्राथमिकता से विद्युतीकरण कार्य करने को कहा, जहां अभी बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के महाप्रबंधक को निर्माण कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए। 

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद श्रीमती चौहान ने जिले के जीर्ण-शीर्ण आंगनवाड़ी भवनों का चिन्हांकन कर सूची तैयार करने तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से संबंधित दावा-आपत्ति प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत जनजातीय कार्य विभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। पीआईयू विभाग के निर्माण कार्यों को भी गति देते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। 

बैठक के दौरान अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने अधिकारियों को जिले के सभी छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के सूचना पटल पर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग एवं बीईओ के मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से चस्पा किए जाएं, ताकि छात्र-छात्राएं किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को सीधे अवगत करा सकें और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो। 

आजतक 24 के प्रशासन से सवाल

1. दिशा समिति की बैठकों में हर बार विभागों को निर्देश दिए जाते हैं। पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों में से कितने पूरी तरह लागू हुए, कितने लंबित हैं, और देरी के लिए किन अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई?

2. जिले में प्रधानमंत्री आवास, जल जीवन मिशन, पीएम ग्राम सड़क और धरती आबा अभियान जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। क्या जिला प्रशासन इन सभी योजनाओं की प्रगति और खर्च का सार्वजनिक डैशबोर्ड जारी करेगा, ताकि जनता भी कार्यों की वास्तविक स्थिति देख सके?

3. सांसद ने खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था को लेकर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन यदि नेटवर्क, सर्वर या तकनीकी समस्या के कारण किसान समय पर ई-टोकन नहीं बना पाते और खाद से वंचित रह जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में किसानों को तत्काल खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था क्या है?


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