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| रिश्वत लेकर अपात्रों को बनाया 'पात्र', पक्के मकान और ट्रैक्टर वालों को मिल रहा आवास योजना का लाभ Aajtak24 News |
शहडोल/गोहपारू - विकासखंड गोहपारू की ग्राम पंचायत चुहिरी में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (आवास प्लस) के सर्वे में भारी भ्रष्टाचार और आर्थिक लेनदेन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपात्र संपन्न लोगों को उपकृत करने और वास्तविक गरीबों का हक मारने को लेकर जिला प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
आजीविका मिशन के ब्लॉक समन्वयक पर गंभीर आरोप शिकायत के अनुसार, आवास प्लस योजना के सर्वे और सत्यापन का जिम्मा आजीविका मिशन के ब्लॉक समन्वयक पद्मेश तिवारी को सौंपा गया था। आरोप है कि नियमों और पात्रता के तय मानकों को ताक पर रखकर, कथित रूप से भारी रिश्वत के बल पर ऐसे संपन्न लोगों को योजना के लिए पात्र घोषित कर दिया गया, जो हर तरह से साधन-संपन्न हैं।
12 एकड़ जमीन और ट्रैक्टर वाले सूची में, सरपंच-सचिव पर भी मिलीभगत की आशंका शिकायतकर्ता ने साक्ष्यों के साथ दावा किया है कि सूची में ऐसे हितग्राहियों के नाम शामिल हैं जिनके पास 12 एकड़ तक कृषि भूमि, स्वयं का ट्रैक्टर और पहले से ही पक्के मकान मौजूद हैं। इतना ही नहीं, कुछ रसूखदारों को तो दोबारा योजना का लाभ देने की तैयारी कर ली गई है।
आश्चर्य की बात यह है कि ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक गांव के ही निवासी हैं और हर परिवार की हकीकत जानते हैं, फिर भी उन्होंने इस फर्जीवाड़े पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। आशंका जताई जा रही है कि इस सिंडिकेट में पंचायत पदाधिकारियों के अपने रिश्तेदारों के नाम भी शामिल हैं, जिसके कारण इस धांधली पर पर्दा डाला गया।
स्वतंत्र जांच और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग शिकायत में मांग की गई है कि ग्राम पंचायत चुहिरी की आवास प्लस सूची को तत्काल होल्ड पर रखकर किसी स्वतंत्र उच्च स्तरीय दल से इसका दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही, जांच पूरी होने तक संबंधित सर्वे अधिकारी को कार्य से पृथक किया जाए और दोषी पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। अब देखना है कि जिला प्रशासन इस गंभीर वित्तीय अनियमितता पर क्या कदम उठाता है।
