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| आईजी-एसपी की रणनीति से रीवा पुलिस को मिली ऐतिहासिक सफलता |
रीवा। मध्य प्रदेश में नशे के काले कारोबार और माफियाओं के खिलाफ जारी राज्यव्यापी अभियान "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के तहत रीवा संभाग की पुलिस ने एक ऐसी ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने अंतरराज्यीय नशा तस्करों के पूरे सिंडिकेट को हिलाकर रख दिया है। रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र में पुलिस ने 17-18 जुलाई 2026 की दरमियानी रात फिल्मी स्टाइल में हाईवे पर घेराबंदी कर एक ट्रक से 20 क्विंटल 30 किलो (लगभग 2030 किलोग्राम) गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि जब पुलिस के आला अधिकारी ठान लें, तो बड़े से बड़े माफिया का नेटवर्क ताश के पत्तों की तरह बिखर जाता है।
आईजी-एसपी के सीधे मार्गदर्शन में चला 'ऑपरेशन मनगवां' विंध्य में यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ हो रही है कि "कार्रवाई जब ऊपर से शुरू होती है, तो नीचे अवैध धंधे अपने आप बंद हो जाते हैं।" कुछ दिनों पहले एमडी (MD) ड्रग्स के बड़े जखीरे को पकड़ने के बाद, रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौरव राजपूत, पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. गुरुकरण सिंह और एडिशनल एसपी के कुशल मार्गदर्शन में इस महा-कार्रवाई का खाका खींचा गया था।
मनगवां अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) प्रतिभा शर्मा एवं थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर तंत्र से एक बेहद सटीक और पुख्ता सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे पर अंबी ब्रिज के नीचे जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध ट्रक (UP-63 T-317) वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेरकर रोक लिया।
मक्के की बोरियों के नीचे दबा था करोड़ों का काला सच जब पुलिस टीम ने ट्रक की तलाशी शुरू की, तो ऊपर मक्के की बोरियां लदी हुई थीं। लेकिन जैसे ही उन बोरियों को हटाया गया, नीचे छिपाकर रखा गया करोड़ों रुपये का गांजा बरामद हुआ। पुलिसिया तस्दीक में जब्त गांजे का सटीक वजन 20 क्विंटल 30 किलो निकला।
पुलिस के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में केवल गांजे की कीमत 4 करोड़ 6 लाख रुपये है। मक्के और ट्रक को मिलाकर कुल जब्त मशरूका 4 करोड़ 61 लाख रुपये आंका गया है। पुलिस ने मौके से दो तस्करों मनीष कुमार हरिजन और सुनील कुमार कोल को वाहन सहित गिरफ्तार कर लिया है।
उड़ीसा से यूपी के प्रयागराज जा रही थी खेप प्रारंभिक पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नशे की यह इतनी बड़ी खेप उड़ीसा राज्य से लोड की गई थी और मध्य प्रदेश के रास्ते होते हुए इसे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) पहुंचाया जाना था। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे उड़ीसा और प्रयागराज के कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पीएम-सीएम के नशा मुक्त भारत के संकल्प को मिल रही गति भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नशा विरोधी राष्ट्रीय संकल्प के अंतर्गत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े निर्देशों तथा पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में यह अभियान चलाया जा रहा है। रीवा संभाग के सभी पुलिस अधीक्षकों की मुस्तैदी के कारण इस कार्रवाई को विंध्य के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई माना जा रहा है, जिसने नशे की सप्लाई चेन को बीच से ही काट दिया है।

