विंध्य की नई पहचान बनेगा रीवा रेलवे स्टेशन, 2050 की जरूरतों के हिसाब से ₹22 करोड़ से हो रहा कायाकल्प

    विंध्य की नई पहचान बनेगा रीवा रेलवे स्टेशन, 2050 की जरूरतों के हिसाब से ₹22 करोड़ से हो रहा कायाकल्प

    रीवा। रीवा रेलवे स्टेशन आने वाले समय में विंध्य क्षेत्र की समृद्ध विरासत और आधुनिक विकास के एक नए स्वरूप के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराएगा। रीवा सांसद श्री जनार्दन मिश्रा ने बुधवार को रेलवे स्टेशन का दौरा कर 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के अंतर्गत चल रहे आधुनिकीकरण और विकास कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया।

    2050 तक की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर हो रहा विकास सांसद जनार्दन मिश्रा ने संबंधित रेलवे अधिकारियों के साथ स्टेशन के हर विभाग और निर्माण स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए निर्देश दिए कि रीवा अब तेजी से महानगर का रूप ले रहा है, इसलिए यहां महानगरों की तर्ज पर ही विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य इस तरह चरणबद्ध तरीके से और उच्च गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरे किए जाएं, जिन्हें भविष्य में दोबारा तोड़ने या हटाने की जरूरत न पड़े और साल 2050 तक की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

    स्टेशन पर मिलेंगी यह आधुनिक सुविधाएं:

    • आधुनिक फुट ओवर ब्रिज व लिफ्ट: स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक एस्केलेटर, 30 फीट चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज और सभी पांचों प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

    • विरासत और आधुनिकता का संगम: स्टेशन के नए स्वरूप में विंध्य की सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देगी, जिससे यह क्षेत्र की पहचान बनेगा।

    • सुरक्षा और गुणवत्ता: यात्रियों को सफर के दौरान आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ पुख्ता सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    कोच मेंटेनेंस वर्कशॉप का भी लिया जायजा भ्रमण के दौरान सांसद श्री मिश्रा कोच मेंटेनेंस वर्कशॉप भी पहुंचे। वहां उन्होंने ट्रेनों के रखरखाव और किए जा रहे सुधार कार्यों का गहन अवलोकन किया। सांसद ने स्टेशन और वर्कशॉप परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को देखकर संतोष व्यक्त किया। इस निरीक्षण के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी स्टाफ भी मुख्य रूप से उपस्थित रहा।



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