| TET अनिवार्यता के खिलाफ एकजुट हुए शिक्षक, संसद में अध्यादेश लाने की मांग Aajtak24 News |
शहडोल - शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर देश और प्रदेश के शिक्षकों में भारी आक्रोश और असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। इसी तारतम्य में शिक्षक संघ, जिला इकाई शहडोल द्वारा कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर महोदय के माध्यम से एक संयुक्त ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। यह ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित है।
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से शिक्षकों में मानसिक तनाव
शिक्षक संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को समाप्त करने की पुरजोर मांग की गई है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षकों के लिए आगामी तीन वर्षों के भीतर TET परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता संबंधी एक निर्णय पारित किया गया है। इस निर्णय के आने के बाद से देश और प्रदेश के लाखों शिक्षक, जो वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, वे अत्यधिक मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि इस आदेश के कारण उनके करियर और भविष्य पर तलवार लटक गई है, जिससे पूरे शिक्षक समाज में नौकरी को लेकर असुरक्षा की भावना घर कर गई है।
व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने और नियम संशोधन की मांग
शिक्षक संघ ने इस न्यायिक निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए सरकार से बीच का रास्ता निकालने की अपील की है। संघ की मुख्य मांग है कि वर्ष 2010 से पहले से शिक्षा विभाग में कार्यरत अनुभवी शिक्षकों को इस परीक्षा के बंधन से पूरी तरह मुक्त किया जाए। इसके लिए केंद्र सरकार को संसद में एक विशेष अध्यादेश (Ordinance) लाकर वर्तमान नियम में आवश्यक संशोधन करना चाहिए। शिक्षकों ने मांग की है कि इस पूरे विषय पर सरकार को एक व्यावहारिक, सकारात्मक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्णय को बदलना चाहिए।
आंदोलन की राह पर जिले के समस्त शिक्षक, बड़ी संख्या में रहे उपस्थित
इस फैसले के विरोध में आज शहडोल जिले के कोने-कोने से आए शिक्षकों ने एकजुटता का परिचय दिया। ज्ञापन सौंपने के इस कार्यक्रम में शिक्षक संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी: प्रांतीय सचिव महेंद्र कुमार त्रिपाठी, संभागीय अध्यक्ष रमाशंकर मिश्र, संभागीय सचिव हरिहर प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष लालजी तिवारी, संभागीय सह संगठन मंत्री अनिल द्विवेदी, तहसील अध्यक्ष (गोहपारू) बलेंद्र कुमार मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष अमर बहादुर सिंह, सचिव अबुल कलाम और कोषाध्यक्ष शिवशंकर सिंह।
इनके अलावा महेंद्र सिंह, रामदयाल प्रजापति, लाल सिंह, रामअवतार प्रजापति, रामकृष्ण तिवारी, परमानंद यादव, राममनोहर सिंह, अमर सिंह, प्रदीप मिश्रा, मोहन सिंह, अरुण कुमार मिश्रा, गोविंद वर्मा सहित जिले के अन्य सम्मानित शिक्षकगण इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में शामिल हुए। शिक्षकों ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने अधिकारों के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।