| शहडोल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास, सांसद हिमाद्री सिंह बोलीं— "योग को जीवन का हिस्सा बनाएं" |
शहडोल - अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को शहडोल जिले में जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता कर योग के प्रति अपनी आस्था और जागरूकता का परिचय दिया। कार्यक्रम के माध्यम से स्वस्थ, संतुलित और निरोगी जीवन का संदेश दिया गया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
आयोजित कार्यक्रम में शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह, जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और अनुशासन का वातावरण देखने को मिला।,योगाभ्यास के दौरान उपस्थित लोगों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि तनाव, चिंता और विभिन्न जीवनशैली जनित बीमारियों से भी बचाव करता है।
भारत की प्राचीन धरोहर बना विश्व स्वास्थ्य का आधार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद हिमाद्री सिंह ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता का अमूल्य उपहार है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की थी। इसके बाद से विश्व के अनेक देशों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ी है और करोड़ों लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक और संतुलित पद्धति है, जो व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आत्मिक ऊर्जा प्रदान करती है। योग को एक दिन नहीं, जीवनभर अपनाने की जरूरत
सांसद हिमाद्री सिंह ने कहा कि योग दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन योग करना नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन अनुशासित बनता है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग तनावमुक्त और संतुलित जीवन का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है,उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से योग को अपनाने और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। सांसद ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को दे, तो वह न केवल स्वयं स्वस्थ रह सकता है बल्कि समाज को भी स्वस्थ और सशक्त बनाने में योगदान दे सकता है।
स्वस्थ समाज के निर्माण का सशक्त माध्यम है योग
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ते मानसिक तनाव के दौर में योग की उपयोगिता और अधिक बढ़ गई है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर व्यक्ति को बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा देता है।,कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों ने नियमित योग करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला और जिलेवासियों ने एक स्वर में योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताया।