| रीवा एसपी के निर्देशन में गोविंदगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता, आरोपियों को भेजा गया जेल |
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अंतर्गत आने वाले थाना गोविंदगढ़ क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां छुहिया घाटी में एक दंपत्ति के साथ जबरन लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, रीवा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के महज कुछ ही समय के भीतर तीनों शातिर आरोपियों को धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और घटना का वीडियो बनाने में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं।
बस से उतरते ही बदमाशों ने घेरा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरियादी रूप सिंह गोंड (पिता जय सिंह गोंड, उम्र 27 वर्ष), जो कि बोडरी कोल (थाना जैतपुर, जिला शहडोल) के निवासी हैं, उन्होंने थाना गोविंदगढ़ पहुंचकर इस घटना की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी ने बताया कि 31 मई 2026 को वह अपनी पत्नी पिंकी गोंड के साथ रीवा से बस में सवार होकर शहडोल जा रहे थे।
दोपहर करीब 2:00 बजे जब बस गोविंदगढ़ की छुहिया घाटी में 'आम चुआ मंदिर' के आगे पहुंची, तभी अचानक उनकी पत्नी पिंकी के पेट में तेज दर्द होने लगा। पत्नी की तबीयत बिगड़ती देख दोनों चलती बस से उतर गए और राहत के लिए सड़क किनारे झाड़ियों के पास बैठ गए। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे। बदमाशों ने दंपत्ति को अकेला पाकर डराया-धमकाया और उनसे जबरदस्ती जरूरी दस्तावेज व ₹4500 नगद छीन लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी पहाड़ की तरफ भाग निकले।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. श्री गुरकरण सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्रीमती आरती सिंह के कड़े निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) रीवा श्री उदित मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन तथा गोविंदगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अरविंद सिंह राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस ने तत्काल घेराबंदी शुरू की।
संदेह के आधार पर पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा हुआ मसरुका और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक जप्त की। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देते समय अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाया था, जिसे पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जप्त कर लिया है। आज तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
जप्त किया गया सामान (मसरुका):
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल ₹78,600 की संपत्ति बरामद की है, जिसमें शामिल हैं:
नगद राशि: ₹3,600/-
मोबाइल फोन: दो स्मार्टफोन (कीमत करीब ₹25,000/-)
मोटरसाइकिल: पल्सर/अपाचे क्र. MP17MD1618 (कीमत करीब ₹50,000/-)
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
पकड़े गए तीनों आरोपी ग्राम मड़वा, थाना गोविंदगढ़, जिला रीवा के निवासी हैं:
शिव सागर पटेल पिता अच्छेलाल पटेल (उम्र 23 वर्ष)
इसहाक खान पिता मोहम्मद गफ्फार खान (उम्र 18 वर्ष)
नीरज यादव पिता रामलखन यादव (उम्र 21 वर्ष)
इस टीम की रही सराहनीय भूमिका:
इस अंधे मोड़ के मामले को चंद घंटों में सुलझाने में थाना प्रभारी अरविंद सिंह राठौड़, उपनिरीक्षक निशा खूता, सउनि सुनील पाण्डेय, सउनि इन्द्रभान सिंह, प्रधान आरक्षक (प्रआर) वृजेन्द्र प्रताप सिंह, प्रआर झलकनारायण पाण्डेय, प्रआर बृजेन्द्र सिंह, प्रआर शंकर सिंह बघेल, प्रआर शिवकुमार दुबे, आरक्षक (आर) मनोज यादव, आर शिवम द्विवेदी, आर अमित पाण्डेय, आर कृष्णपाल सिंह, आर उमेश मिश्रा, आर सुन्दरम मिश्रा एवं सैनिक सुधाकर मिश्रा की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।