अशोक गहलोत के बयान पर भड़का सियासी घमासान: कहा- 'इंदिरा गांधी होतीं तो भाजपा पर बैन लगा देतीं'

अशोक गहलोत के बयान पर भड़का सियासी घमासान: कहा- 'इंदिरा गांधी होतीं तो भाजपा पर बैन लगा देतीं' 

जयपुर - 
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के एक ताजा बयान ने देश के सियासी गलियारों में नया बवंडर खड़ा कर दिया है। गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आज जिंदा होतीं, तो वे भाजपा जैसी पार्टी पर प्रतिबंध (बैन) लगा देतीं। गहलोत के इस बयान पर भाजपा ने भी बेहद आक्रामक रुख अपनाया है और राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने आपातकाल का जिक्र करते हुए उन पर तीखा पलटवार किया है।

लोकतंत्र पर खतरा और युवा पीढ़ी को चेतावनी

अशोक गहलोत ने देश की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए विपक्षी एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर देश को बचाना है और लोकतंत्र की रक्षा करनी है, तो सबको साथ आना होगा। गहलोत के मुताबिक, आज देश के भीतर जो खतरनाक माहौल है, वैसा उन्होंने अपने 50 साल के राजनीतिक जीवन में कभी नहीं देखा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर देशवासी अब भी नहीं संभले, तो आने वाली युवा पीढ़ी का कोई भविष्य नहीं बचेगा और हालात बेहद गंभीर हो जाएंगे। उन्होंने 'INDIA' गठबंधन को और अधिक मजबूत करने की जरूरत बताई और कहा कि गठबंधन को खुलकर राहुल गांधी को अपना नेतृत्व सौंप देना चाहिए, क्योंकि इतिहास आज के युवाओं को भी माफ नहीं करेगा।

यूपी चुनाव और मुस्लिम उम्मीदवारों को लेकर घेरा

अशोक गहलोत ने भाजपा की राजनीति और ध्रुवीकरण की कोशिशों पर निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें हैं, लेकिन भाजपा एक भी सीट पर किसी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं देती। खुद को राष्ट्रीय पार्टी कहने वाले लोग कम से कम दिखाने के लिए ही 5 सीटें दे देते, लेकिन वे सिर्फ यह जताना चाहते हैं कि वे शुद्ध रूप से एक हिंदुत्ववादी पार्टी हैं। उन्होंने मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन लोगों ने लंबे समय तक भाजपा की पैरवी की, लेकिन आज पार्टी ने सबको घर बैठा दिया है। इसके विपरीत, कांग्रेस ने हमेशा देश को एक और अखंड रखने के लिए शहादत दी है।

डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा का पलटवार

अशोक गहलोत के इस बयान पर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने गहलोत के दावों को लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताया। डिप्टी सीएम ने कहा कि किसी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाना न तो हमारे मूल संविधान में है और न ही लोकतंत्र की भावना के अनुरूप है। बैरवा ने कांग्रेस को घेरते हुए याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश पर आपातकाल (Emergency) थोपा था, जिसकी आग में पूरे देश के लोग झुलसे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक गहलोत केवल और केवल 'तुष्टिकरण की राजनीति' के लिए इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं, जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।

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