| सीहोर एसपी के निर्देशन में गठित टीम ने पटरानी से दबोचा; आरोपी पर बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज |
सीहोर - जिला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपहरण की शिकार एक नाबालिग लड़की को सकुशल दस्तयाब करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसे अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
क्या था पूरा मामला?
घटना की शुरुआत 19 मई 2026 को हुई, जब पीड़ित परिवार के सूचनाकर्ता ने थाने पहुंचकर अपनी नाबालिग बेटी के अचानक लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए भैरूंदा पुलिस ने तत्काल तत्परता दिखाई और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध क्रमांक 0265/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की धारा 137(2) (अपहरण) का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।
पुलिस टीम का गठन और सायबर सेल की मदद
नाबालिग से जुड़े इस संवेदनशील मामले को देखते हुए सीहोर पुलिस अधीक्षक (SP) श्री सोनाक्षी सक्सेना एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) भैरूंदा, श्री रोशन कुमार जैन के कड़े पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी घनश्याम दांगी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने पारंपरिक मुखबिर तंत्र और सायबर सेल की तकनीकी मदद से हर संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया।
ग्राम पटरानी से आरोपी गिरफ्तार, बढ़ेगी धाराएं
सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने देवास जिले के ग्राम पटरानी (थाना हरणगाँव) में घेराबंदी की। वहां से पुलिस ने अपहृत नाबालिग को आरोपी उमेश उईके (पिता महेश उईके, उम्र 22 साल) के कब्जे से सकुशल मुक्त कराया और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने आई। थाने में महिला अधिकारियों की मौजूदगी में जब पीड़िता के बयान दर्ज किए गए, तो उसने एक दर्दनाक दास्तां बयां की। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उमेश उईके उसे शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा ले गया था और उसने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के इस बयान के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मूल एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87, 64(2)(M) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 5L/6 का इजाफा किया है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस त्वरित और सफल ऑपरेशन में उपनिरीक्षक (उनि) पूजा सिंह राजपूत, सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) सूरज सिंह सल्लाम, प्रधान आरक्षक (प्रआर) दिनेश जाट, आरक्षक प्रकाश नर्रे और महिला आरक्षक प्रीति काजले की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।