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| मुरैना; कलेक्टर ने जौरा जनकल्याण शिविर का किया आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा |
मुरैना - शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जौरा में आयोजित जनकल्याण शिविर का कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा सोमवार को आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शिविर में की गई व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का भ्रमण किया तथा नागरिकों से संवाद कर उन्हें प्रदान की जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक पात्र हितग्राही की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र व्यक्तियों के आवेदन प्राप्त कर उनका निराकरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं हितग्राही उपस्थित रहे और उन्होंने शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। जनकल्याण शिविर का उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न शासकीय सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।
आजतक 24 के प्रशासन से सवाल
1. जनकल्याण शिविरों में बड़ी संख्या में आवेदन लेने और योजनाओं की जानकारी देने की बात कही जाती है। जौरा शिविर में प्राप्त कुल आवेदनों में से कितनों का मौके पर निराकरण हुआ और कितने आवेदन केवल आगे की प्रक्रिया के लिए लंबित रखे गए? क्या इसकी सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाएगी?
2. कलेक्टर ने आकस्मिक निरीक्षण किया, लेकिन क्या ऐसे निरीक्षणों के बाद किसी विभाग की लापरवाही, अनुपस्थिति या अव्यवस्था पाए जाने पर कार्रवाई भी होती है? पिछले एक वर्ष में जनकल्याण शिविरों के निरीक्षण के बाद कितने अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है?
3. प्रशासन का दावा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। जिले में ऐसे कितने पात्र परिवार हैं जो अभी भी आवास, पेंशन, राशन या अन्य प्रमुख योजनाओं से वंचित हैं, और जनकल्याण शिविर उनके लिए क्या ठोस समाधान लेकर आए हैं?
