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| भिण्ड; जन कल्याण शिविर केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि आखिरी दिन तक आवेदन लेकर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें - कलेक्टर |
भिण्ड - कलेक्टर भिण्ड की अध्यक्षता में समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय भिण्ड के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी तथा कई अधिकारी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों की गहन समीक्षा करते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेष ध्यान दें। विभागवार लंबित शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न किया जाए। साथ ही निराकृत प्रकरणों में संतुष्टि स्तर बेहतर रखने के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बैठक के दौरान जनकल्याण शिविरों में प्राप्त आवेदनों, उनके निराकरण और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जन कल्याण शिविरों की सार्थकता पर जोर देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जन कल्याण शिविर केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि आखिरी दिन तक आवेदन लेकर उनमें त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को कहा गया कि आवेदनों की समयबद्ध निस्तारण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाए। कलेक्टर ने शिविरों में जनता की संतुष्टि पर विशेष ध्यान रखने और समस्याओं के स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की हिदायत दी। साथ ही उन्होंने कहा कि आवेदनों के डिजिटल रिकॉर्ड समय-समय पर अपडेट हों ताकि पारदर्शिता बनी रहे। कलेक्टर ने बैठक के दौरान निर्देश दिए कि जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूल कल से पूर्ण रूप से संचालित होंगे। सभी शिक्षक नियमित उपस्थिति दें और शैक्षणिक गतिविधियों को उत्सव के रूप में मनाएं, जिससे बच्चों में पढ़ाई का उत्साह लौटे। कलेक्टर ने समग्र ईकेवाईसी की समीक्षा कर कहा कि समस्त नगरीय निकाय सीएमओ और सीईओ जनपद समग्र ईकेवाईसी पर विशेष ध्यान दें और कार्य में प्रगति लाएं। साथ ही छूटे हुए लोगों की समग्र आईडी बनाएं। कलेक्टर ने बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री शत-प्रतिशत पूरी की जाए। कलेक्टर ने सभी सीईओ जनपद को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण संबल योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों में कोई कमी या दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें अधिकारी एवं कर्मचारी स्वयं पहल कर पूर्ण कराएं, ताकि पात्र हितग्राहियों को शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ शीघ्र प्राप्त हो सके। कलेक्टर ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाना प्रशासन का दायित्व है। उन्होंने सीएम मॉनिट, सीएस मॉनिट, टीएल पत्र निराकरण की समीक्षा की एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिऐ।
आजतक 24 के प्रशासन से सवाल
1. कलेक्टर को यह निर्देश देने की जरूरत क्यों पड़ी कि जनकल्याण शिविर केवल औपचारिकता न बनें? क्या प्रशासन को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि शिविरों में आवेदन तो लिए जा रहे हैं, लेकिन उनका वास्तविक निराकरण नहीं हो रहा? यदि हां, तो किन विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं?
2. कलेक्टर ने निराकृत प्रकरणों में संतुष्टि स्तर बेहतर रखने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में जिले की सीएम हेल्पलाइन संतुष्टि रेटिंग क्या है, कितनी शिकायतें शिकायतकर्ता द्वारा असंतोषजनक बताई गई हैं, और खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
3. फार्मर रजिस्ट्री और समग्र ई-केवाईसी को शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। यदि निर्धारित समय में यह कार्य पूरा नहीं होता, तो क्या किसानों और नागरिकों को भविष्य में योजनाओं के लाभ से वंचित होने का खतरा है? और लक्ष्य अधूरा रहने पर किस स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी?
