ऐतिहासिक शांति समझौते पर संकट: इजरायल की भीषण बमबारी के बाद अमेरिका-ईरान वार्ता टली, जेडी वेंस ने दी सख्त चेतावनी

ऐतिहासिक शांति समझौते पर संकट: इजरायल की भीषण बमबारी के बाद अमेरिका-ईरान वार्ता टली, जेडी वेंस ने दी सख्त चेतावनी
वाशिंगटन/जेनेवा - पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए अमेरिका और ईरान के बीच दो दिन पहले फ्रांस में हुआ ऐतिहासिक समझौता शुरू होने से पहले ही पूरी तरह खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में वर्साय के महल में बुधवार को जिस १४-सूत्रीय शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे, वह अब अधर में लटक गया है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोककर युद्ध पर विराम लगाना था।

लेबनान में इजरायल की भारी बमबारी:

समझौते की शर्तों के विपरीत, इसके लागू होने के तुरंत बाद इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए। इस भीषण रातभर हुई बमबारी में कम से कम १६ लोगों की मौत हो गई है। इस आक्रामक रुख पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीछे हटने से साफ इनकार करते हुए कहा है कि जब तक हिजबुल्लाह का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, इजरायली सेना लेबनान में अपनी कार्रवाई जारी रखेगी।

स्विट्जरलैंड की महत्वपूर्ण शांति वार्ता रद्द:

इस शुरुआती समझौते को ६० दिनों के सीजफायर के साथ एक स्थायी शांति का रूप देने के लिए शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में दोनों देशों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी बातचीत होनी थी। परंतु, जमीनी तनाव को देखते हुए इस बैठक को रद्द कर दिया गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जो इस बातचीत की अगुवाई करने वाले थे, उन्होंने अपना स्विट्जरलैंड दौरा टाल दिया है। जहाँ व्हाइट हाउस ने इसके पीछे व्यवस्था संबंधी (लॉजिस्टिक्स) दिक्कतों का हवाला दिया है, वहीं हिजबुल्लाह समर्थक मीडिया 'अल-मायादीन' का दावा है कि लेबनान पर इजरायली हमलों के विरोध में ईरान ने खुद अपने प्रतिनिधिमंडल को भेजने से मना कर दिया है.

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इजरायल को दोटूक चेतावनी:

इस कूटनीतिक गतिरोध के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायल को बेहद सख्त और अभूतपूर्व शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि इस समय पूरी दुनिया में केवल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं, जो इजरायल के प्रति हमदर्दी रखते हैं। वेंस का यह कड़ा बयान साफ संकेत देता है कि अमेरिका अब इजरायल के इस आक्रामक रवैये से बेहद नाखुश है और उस पर युद्ध रोकने का भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव है। यदि लेबनान में यह जंग तुरंत नहीं रुकी, तो वैश्विक स्तर पर की गई यह बड़ी कूटनीतिक कोशिश पूरी तरह से विफल हो सकती है।

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