500 करोड़ की जमीन 1 रुपये में लुटा दी”: कथित भूमि घोटाले पर जीतू पटवारी का बड़ा दावा, सीएम मोहन यादव से पूछे 5 तीखे सवाल

500 करोड़ की जमीन 1 रुपये में लुटा दी”: कथित भूमि घोटाले पर जीतू पटवारी का बड़ा दावा, सीएम मोहन यादव से पूछे 5 तीखे सवाल 

भोपाल - मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जुड़ा कथित जमीन विवाद का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार हमलावर है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक नया और बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। पटवारी का आरोप है कि उज्जैन में स्थित ₹500 करोड़ की बहुमूल्य सरकारी जमीन को एक निजी ट्रस्ट को महज 1 रुपये के टोकन अमाउंट पर सौंप दिया गया। कांग्रेस ने इसे 'महाकाल की जमीन की लूट' करार देते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे और पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।

जीतू पटवारी का सीएम मोहन यादव से 5 सूत्रीय सवाल:

जमीन घोटाले से जुड़े इन गंभीर दावों को मीडिया के सामने रखने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सीधे पांच सवाल पूछे हैं:

  1. कौड़ियों के दाम जमीन क्यों?: आखिर ₹500 करोड़ की बेशकीमती सरकारी जमीन को सिर्फ 1 रुपये में क्यों दे दिया गया? मुख्यमंत्री को इस फैसले से जुड़े तथ्यों को तत्काल सार्वजनिक करना चाहिए।

  2. रिपोर्ट पर मानहानि क्यों नहीं?: यदि इस कथित घोटाले को लेकर मीडिया (इंडियन एक्सप्रेस) की रिपोर्ट झूठी है, तो सरकार ने अब तक उस पर एफआईआर (FIR) या मानहानि का मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया?

  3. भ्रष्टाचार पर जाति का नैरेटिव क्यों?: जब सवाल जमीन के मालिकाना हक और घोटाले का था, तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने इसमें जाति का एंगल क्यों जोड़ा? क्या भाजपा की यही मानसिकता है?

  4. क्या ओबीसी को चोरी का हक है?: मैं खुद ओबीसी (OBC) समाज से आता हूं। क्या मुख्यमंत्री का ओबीसी होना उन्हें इस तरह के गंभीर आरोपों से छूट देता है? क्या यह चोरी उनके हिस्से की नहीं है?

  5. सीएम बनने के बाद जमीन की तेजी क्यों?: मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों की प्रक्रियाओं में इतनी तेजी कहां से आई? इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

सांस्कृतिक सलाहकार के जुड़े होने का दावा

जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमीन पाने वाले ट्रस्ट की कड़ियों को उजागर करते हुए दावा किया कि इस ट्रस्ट के सर्वेसर्वा 'श्री राम जी' हैं, जो वर्तमान में मुख्यमंत्री मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रसिद्ध नारे पर तंज कसते हुए कहा कि "न खाऊंगा, न खाने दूंगा" की बात करने वालों की असलियत जनता के सामने आ चुकी है।

इससे पहले भी कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री की सत्ता संभालने के बाद उनके परिवार की भूमि कथित तौर पर 100 एकड़ से बढ़कर 335 एकड़ हो गई है, जिसका जवाब सरकार को देना चाहिए। फिलहाल, इस नए खुलासे के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर बेहद तेज हो गया है।

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