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| चंद्र गोचर 2026: वृश्चिक राशि में आ रहे हैं चंद्रमा, इन जातकों को रहना होगा बेहद सावधान |
नई दिल्ली - वैदिक ज्योतिष में सबसे तेज गति से राशि बदलने वाले ग्रह चंद्रमा शुक्रवार, 26 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। चूंकि वृश्चिक को चंद्रमा की नीच राशि माना जाता है, इसलिए यह गोचर वृश्चिक राशि के जातकों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी के अनुसार, चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है, इसलिए इस गोचर का सीधा असर जातकों की मानसिक स्थिति पर पड़ेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि इससे आने वाला संकट बड़ा या स्थाई नहीं होगा।
कार्यस्थल पर विवाद और आर्थिक चिंता संभव
इस गोचर के दौरान वृश्चिक राशि के नौकरीपेशा लोगों को अपने दफ्तर में सीनियर अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय संयम बरतना होगा, क्योंकि मतभेद होने की प्रबल आशंका है। इसके अलावा, आर्थिक मामलों में लापरवाही बरतने से धन हानि हो सकती है, जो आपकी रातों की नींद और मानसिक शांति छीन सकती है। ज्योतिषियों ने इस समय तनाव में आकर जरूरत से ज्यादा भोजन (ओवरईटिंग) न करने की सलाह दी है, अन्यथा स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।
बचाव के विशेष उपाय
पंडित जी के मुताबिक, इस नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए शुक्रवार को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करनी चाहिए। साथ ही, शुक्रवार की रात को चंद्रमा को दूध मिश्रित जल से अर्घ्य देने पर मानसिक शांति मिलती है और गोचर के अशुभ प्रभावों से रक्षा होती है।
