| हंता वायरस का 'क्रूज अटैक': क्या कोरोना की तरह मचाएगा तबाही? WHO के अलर्ट के बीच विशेषज्ञों ने बताया—डरें नहीं, सावधान रहें |
नई दिल्ली/जेनेवा - दुनिया अभी कोविड-19 के जख्मों से पूरी तरह उबरी भी नहीं थी कि एक नए वायरस ने दस्तक दे दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हंता वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 'ग्लोबल अलर्ट' जारी किया है। अंटार्कटिका की ओर जा रहे एमवी होंडियस (MV Hondius) क्रूज जहाज पर इस वायरस ने ऐसा कहर ढाया कि तीन यात्रियों की जान चली गई, जिसके बाद हड़कंप मच गया है।
क्यों डरा रहा है हंता वायरस?
WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने चेतावनी दी है कि इस वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड (ऊष्मायन अवधि) काफी लंबा है। यानी संक्रमित व्यक्ति को पता चलने से पहले ही वह अंतरराष्ट्रीय यात्रा कर सकता है, जिससे वायरस के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या यह अगला कोरोना है? एक्सपर्ट्स बोले— 'नहीं'
सोशल मीडिया पर हंता वायरस को 'अगला कोविड' कहा जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और वायरोलॉजिस्टों ने इस दावे को खारिज किया है। इसके पीछे 4 मुख्य कारण हैं:
फैलने का तरीका अलग: कोरोना हवा के जरिए तेजी से फैलता था, जबकि हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है। इंसानों से इंसानों में इसका संक्रमण बेहद दुर्लभ है।
धीमी चाल: हंता वायरस, कोरोना (SARS-CoV-2) की तुलना में बहुत धीरे अपना स्वरूप बदलता है (Slow Mutation)। इसलिए इसके अचानक अत्यधिक संक्रामक बनने का डर कम है।
ट्रेसिंग आसान: हंता वायरस के लक्षण और संपर्क इतिहास स्पष्ट होते हैं, जिससे संक्रमित व्यक्ति की पहचान करना कोरोना के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान है।
सीमित प्रकोप: इतिहास गवाह है कि हंता वायरस के प्रकोप हमेशा स्थानीय स्तर पर ही सिमट कर रह गए हैं, यह कभी वैश्विक स्तर पर हावी नहीं हुआ।
क्रूज जहाज पर क्या हुआ?
एमवी होंडियस की घटना ने 'डायमंड प्रिंसेस' क्रूज की यादें ताजा कर दी हैं। जहाज पर मौजूद कई यात्री संक्रमण की पुष्टि से पहले ही अलग-अलग देशों के लिए रवाना हो चुके थे। हालांकि, WHO ने इसे 'सीमित समूह का प्रकोप' माना है, न कि महामारी की शुरुआत। फिलहाल जहाज पर संक्रमण के सटीक स्रोत की जांच की जा रही है।
आम आदमी को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि डरने की जरूरत नहीं है, बस स्वच्छता का ध्यान रखें। चूहों और उनके अवशेषों से दूरी बनाएं। यदि आप हाल ही में अंतरराष्ट्रीय यात्रा से लौटे हैं और तेज बुखार या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।