| बलौदाबाजार; एक WhatsApp मैसेज और खुल गया शराब का अड्डा… ‘समाधान सेल’ की सूचना पर पुलिस ने दबोचा महुआ कारोबारी |
बलौदाबाजार - जिले में शुरू की गई “समाधान सेल” अब आम लोगों और पुलिस के बीच अपराध के खिलाफ मजबूत कड़ी बनती नजर आ रही है। एक सूचना के आधार पर गिधौरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध महुआ शराब बेच रहे आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 40 लीटर हाथ भट्ठी कच्ची महुआ शराब जब्त की है।
पुलिस के मुताबिक जिले में आम नागरिकों की शिकायतों और आपराधिक गतिविधियों की जानकारी त्वरित रूप से प्राप्त करने के लिए “समाधान सेल” हेल्पलाइन शुरू की गई है। इस हेल्पलाइन पर लोग कॉल या व्हाट्सएप के जरिए गोपनीय रूप से सूचना दे सकते हैं। पुलिस का दावा है कि इस व्यवस्था से अपराधियों की धरपकड़ में लगातार सफलता मिल रही है।
इसी क्रम में 17 मई 2026 को समाधान सेल में सूचना मिली कि ग्राम घटमडवा सबरिया डेरा क्षेत्र में अवैध महुआ शराब की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में थाना गिधौरी पुलिस ने टीम बनाकर इलाके की घेराबंदी की।
रेड कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी बुधराम गोड (25 वर्ष) निवासी ग्राम घटमडवा सबरिया डेरा को अवैध शराब के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से करीब 40 लीटर कच्ची हाथ भट्ठी महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 8 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समाधान सेल के जरिए लोगों की सहभागिता बढ़ी है और अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अपराध की सूचना देने के लिए आगे आ रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी समाधान हेल्पलाइन नंबर 94792 20392 पर जरूर दें।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर समाधान सेल पर मिली सूचना से इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब पकड़ी जा रही है, तो क्या यह माना जाए कि स्थानीय स्तर पर नियमित पुलिस निगरानी पर्याप्त नहीं थी?
- ग्रामीण इलाकों में महुआ शराब का अवैध कारोबार लगातार क्यों फल-फूल रहा है — क्या इसके पीछे संगठित नेटवर्क और संरक्षण की भी जांच होगी?
- समाधान सेल की सफलता का दावा किया जा रहा है, लेकिन अब तक मिली सूचनाओं में कितने मामलों में बड़ी सप्लाई चेन या मुख्य सरगनाओं तक पुलिस पहुंच पाई है?